गुरुदेश ने जो सिखाया – (संस्मरण)
गुरुदेश ने जो सिखाया -अतिला कोतलावल बारिश का मौसम था। रात भर हुई मूसलाधार बारिश के बाद प्रकृति ने कुछ विश्राम का रूप धारण किया। सारा वातावरण ठंडक की चादर…
हिंदी का वैश्विक मंच
गुरुदेश ने जो सिखाया -अतिला कोतलावल बारिश का मौसम था। रात भर हुई मूसलाधार बारिश के बाद प्रकृति ने कुछ विश्राम का रूप धारण किया। सारा वातावरण ठंडक की चादर…
हिन्दी से जुड़े मेरे सपने -अतिला कोतलावल मैं भी उन स्वप्नदर्शियों में से एक हूँ जो अक्सर सपने देखा करते हैं और उनके साकार होने तक उन्हीं सपनों में विलीन…
अतिला कोतलावल संस्थापक निदेशक – हिंदी संस्थान, श्री लंका शिक्षिका – सवामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र, कोलम्बो बाह्य प्राध्यापक – राज्यभाषा विभाग, श्री लंका सरकार बाह्य प्राध्यापक – लघु हिंदी कार्यक्रम,…
त्रिनिदाद में क्षेत्रीय हिन्दी सम्मेलन का आयोजन पिछले सप्ताह, तीन दिन का क्षेत्रीय हिंदी सम्मेलन त्रिनिदाद के लिए भारतीय उच्चायुक्त आदरणीय महामहिम श्री प्रदीप कुमार राजपुरोहित जी व हिंदी के…
कोई लहर समुन्द्र की कौन सी लहरहमें ले जाएगी किनारेकौन सा किनाराहमें थाम लेगामट्टी का कौन-सा हिस्सा हमेंजकड़ लेगाहम नहीं जानतेन ही जानना चाहते हैंक्योंकि जान नहीं पाएंगेबस यही चाहते…
समझदार लोग लोग हैं लोगलोग हैं समझदारसमझदार लोग उठाते हैं आवाजेंउठ रही हैं हर तरफ से आवाजेंपर उठ नहीं रहे हैं लोगजो उठा रहे हैं आवाजेंक्योंकि लोग हैं समझदारऔर समझदार…
जमने वाली बर्फ -निखिल कौशिक लंदन से लगभग 210 मील उत्तरी पूर्व-ब्रिटेन के जिस छोटे से शहर में मैं रहता हूँ, यहाँ बहुत बर्फ तो नहीं पड़ती पर जब पड़ती…
निखिल कौशिक जन्म : 1950, पुरानी दिल्ली में, दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से MBBS करने के उपरांत 1977 से यूके में, 1981 में FRCS की उपाधि के उपरांत…
श्री लंका में हिंदी की दशा और दिशा -अतिला कोतलावल हिंदी मात्र एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की साझी विरासत और महान् संस्कृति को विश्व भर में जन-जन तक पहुँचानेवाली…
शैक्षणिक दृष्टि से विदेशी भाषा के रूप में हिंदी तथा सिंहली भाषाओं का संरचनागत व्यतिरेकी अध्ययन -अतिला कोतलावल विदेशों में हिंदी और विदेशी भाषा के रूप में हिंदी… इन दोनों…
ग़ज़ल वाबस्ता हैं सब जिससे, ज़ंजीर है तारों कीहँसना कभी रोना भी तक़दीर है तारों की क्या ख़ूब फ़लक पर ये तहरीर है तारों कीलैला है या शीरीं है या…
जनमानस में राम सूर्य सगर्व निरखता,सरयु-साकेत समन्त,वन्दन से वंदनवार तक,रामबाण अरिहन्त। नित्य प्रति हो सुखकारीश्रीरामकथा का श्रवण,हरें सकल हिय की व्यथाश्रीजानकी श्रीचरण। शेषनाग अवतार रूपसद्गुण शुभ लक्षण,तत्पर प्राण समर्पण कोरामानुज…
ज्योति गीत हों सहस्त्र ज्योति दीप, हों सहस्त्र ज्योति कण,हों सहस्त्र ज्योति गीत, हों सहस्त्र ज्योति क्षण, थिरकते हों ज्योति स्वर, काल के अवशेष पर,महकते हों पारिजात, ज्योति रश्मि केश…
अरमीनिया में मनाया गया नवरात्रि पर्व अरमीनिया में भारतीय दूतावास ने नवरात्रि पर्व का शानदार आयोजन किया। इसमें भारतीय समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। कई विश्वविद्यालयों के…
डॉ. नीलम वर्मा डॉ. नीलम वर्मा एक हृदयरोग विशेषज्ञ एवं कवयित्री हैं। कल्पतरु की ओर से वे ‘कविता विदूषी’ सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं । यह सम्मान उन्हें भगवद्गीता की…
राजभाषा क्रियान्व्यन समिति, किरोड़ीमल महाविद्यालय एवं हिंदी अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 9 अक्टूबर को “स्वाधीनता आंदोलन में हिंदी और महात्मा गांधी” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का सफल…
हिन्दी भाषा हिन्दी है मेरी अनमोल प्यारी मातृभाषाबने सबकी अभिव्यक्ति की साख ऐसी अभिलाषाटोक्यो की हिन्दी सभा शिविर में आकर ये विचार आयाकरे हिन्दी के उत्थान के लिए कुछ ये…
रंजना सिंह मैं, रंजना सिंह पिछले लगभग 2 दशकों से जापान की राजधानी टोक्यो में अपने परिवार के साथ रह रही हूँ।ताज नगरी आगरा में पली बढ़ी और वहीं से…
इस देश में बसंत बैठ मुंडेर पर निहार रहा हैपथिक भ्रांत दृश्य एक सामने उसके रचा हुआ हैरचनाकार का बसंत विशेष दिवास्वप्न-सा आगंतुक अविचल हैऋतुराज का दृश्य नवल नवीनमानो शाख…
सुयोग मैं सुयोग हूँ। मैं टोक्यो विश्वविद्यालय में भौतिकी विभाग में प्रथम वर्ष का पी.एच.डी. का छात्र हूँ। मैं लगभग 3 साल पहले जापान आया था और तब से टोक्यो…