दूर देश – (स्पेनिश कविता अनुवाद)
मूल कविता – खोसे लुईस मोरांते मूल कविता – खोसे लुईस मोरांते दूर देश (दूर देश की यात्रा से लौटे इरेने और खावियर के लिए) मैं स्वप्न में कल्पना करता…
हिंदी का वैश्विक मंच
मूल कविता – खोसे लुईस मोरांते मूल कविता – खोसे लुईस मोरांते दूर देश (दूर देश की यात्रा से लौटे इरेने और खावियर के लिए) मैं स्वप्न में कल्पना करता…
मूल कविता – खोसे लुईस मोरांते मूल कविता – खोसे लुईस मोरांते कुछ शिकारी कुछ शिकारीतन के घर्षण सेउपजे निशान तलाश रहे हैं साथ ही चबा रहे हैंकुछ मीठे बेरऔर…
केटी कोटी -गुलामी का अतीत – डॉ ऋतु शर्मा (नंनन पांडे), नीदरलैंड आज हम जिस यूरोप को बहुत ही सम्मानित व आधुनिकीकरण के लिए जानते हैं उस यूरोप का एक…
~ आशुतोष अडोणी, (मराठी लेखक,वक्ता), नागपुर, महाराष्ट्र हिंदी अनुवाद – विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र भाषा का मर्म वेध एक एक मराठी लेखिका के बेटे के शादी का स्वागत समारोह था।…
प्रेम और समय डॉ महादेव एस कोलूर एक बार की बात है, एक द्वीप था जहाँ सभी भावनाएँ रहती थीं – खुशी, दुख, ज्ञान, ईर्ष्या और बाकी सभी, जिसमें प्रेम…
स्थाई पता – सच्चिदानंद जोशी अपना भोपाल का घर समेटते हुए एक पुराना कागज हाथ लग गया, मेरे हायर सेकेंडरी बोर्ड के नामांकन पत्र का। नवीं क्लास में थे हम।…
एक खाली सिंहासन का दुःख डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ जनहित महासेवा सद्भाव समिति, जिसका नाम सुनते ही किसी के भी मन में ‘जनसेवा’ से अधिक ‘महा’ शब्द की विराटता…
बार्नेट अस्पताल के एक्सीडेंट ऐण्ड एमरजेंसी वार्ड में एक रात डॉ. अरुणा अजितसरिया, एम.बी.ई सुबह 3:30 बजे मुझे शौचालय जाने की ज़रूरत महसूस हुई। जब तक मैं वॉशरूम में जाने…
सब सुंदर! डॉ. अशोक बत्रा, गुरुग्राम मैंने पूछा — ऋषिकेश गए थे। कैसा लगा?बोले — बहुत सुंदर! बहुत खूबसूरत!–और गंगा का किनारा?–अरे पूछो मत! बहुत सुंदर!— रास्ते की पहाड़ियाँ?— अरे…
पापा आप कहीं नहीं गए – सरस दरबारी पापा को हमारा साथ छोड़े पूरे 18 साल हो गए। पर इन सालों में कभी नहीं लगा की पापा हमारे साथ नहीं—…
‘राष्ट्रभाषा विचार संग्रह‘ ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र ‘राष्ट्रभाषा विचार संग्रह‘ 🏢 प्रकाशक एवं संपादन विवरण संपादक: श्री मोहनलाल भट्ट प्रकाशक: राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, हिंदीनगर, वर्धा महाराष्ट्र प्रथम प्रकाशन वर्ष:…
मधुमालती वाली खिड़की -पूजा अनिल, स्पेन मेरी माँ के घर में किचन की खिड़की अपेक्षाकृत काफ़ी लम्बी (ऊँचाई में) थी इसलिए किचन के प्लेटफ़ॉर्म से भी थोड़ी नीचे तक जाती…
ललित निबंध कृति “नदी तुम बोलती क्यों हो” की भूमिका का अंश निबंध-लेखन की पुरानी और समृद्ध परम्पराओं में जब ललित निबंध आया तो उस निबंध के बारे में यही…
महात्मा गांधी महात्मा गांधी द्वारा स्थापित आश्रम, बापू की सोच, चिंतन की प्रयोगस्थली है, उनके जीवनदृष्टि की बुनियाद है। इतिहास का एक विद्यार्थी होने के नाते जब गांधी आश्रम (फीनिक्स-1904,…
डॉ. महादेव एस कोलूर वैश्विक हिंदी परिवार की उड़ान (जून 2020 से जून 2025 के पाँच स्वर्णिम वर्षों पर आधारित) हिंदी के स्वर ने जब सुर छेड़ा,दूर देशों का मन…
भाषा में दबंगई – डॉ. अशोक बत्रा, गुरुग्राम संविधान बनाए ही इसलिए जाते हैं कि व्यवस्था और शासन नियम से चलें, न कि उठाईगिरी, दबंगई या जबरदस्ती के कब्जे-से। कब्जा…
ध्रुव तारा कभी अस्त नहीं होता.. – राजेश्वर वशिष्ठ डॉ. विश्वास अपने चेम्बर से निकलने ही वाले थे कि लैंड-लाइन फोन बज उठा। आमतौर पर यह फोन इन दिनों गुमसुम…
गोपाल सिंह नेपाली -अलका सिन्हा हिंदी और नेपाली भाषा के सम्मानित कवि गोपाल सिंह नेपाली अपने गीतों के लिए विशेष लोकप्रिय रहे। उन्होंने फिल्मों के लिए भी गीत लिखे और…
नूपुर अशोक, ऑस्ट्रेलिया सवाल उठाना मना है यहाँ सवाल मत उठाना,सवाल उठाते ही यहाँ लोगचौखटे में जड़ करकिसी कील पर टाँग दिए जाते हैं।क्योंकि धर्म को सवालों से नफ़रत हैऔर…
– नूपुर अशोक, ऑस्ट्रेलिया विदेश में पतझड़ हरीतिमा में लिपटे वृक्षमहसूसते हैं बदलती हुई हवाओं कोसमझने लगते हैं किउनका समय गुज़र चुका है मन का उच्छ्वासधूमिल कर देता है उन्हेंभूरे…