ललित निबंध – (आलेख)
ललित निबंध कृति “नदी तुम बोलती क्यों हो” की भूमिका का अंश निबंध-लेखन की पुरानी और समृद्ध परम्पराओं में जब ललित निबंध आया तो उस निबंध के बारे में यही…
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ललित निबंध कृति “नदी तुम बोलती क्यों हो” की भूमिका का अंश निबंध-लेखन की पुरानी और समृद्ध परम्पराओं में जब ललित निबंध आया तो उस निबंध के बारे में यही…
महात्मा गांधी महात्मा गांधी द्वारा स्थापित आश्रम, बापू की सोच, चिंतन की प्रयोगस्थली है, उनके जीवनदृष्टि की बुनियाद है। इतिहास का एक विद्यार्थी होने के नाते जब गांधी आश्रम (फीनिक्स-1904,…
भाषा में दबंगई – डॉ. अशोक बत्रा, गुरुग्राम संविधान बनाए ही इसलिए जाते हैं कि व्यवस्था और शासन नियम से चलें, न कि उठाईगिरी, दबंगई या जबरदस्ती के कब्जे-से। कब्जा…
गोपाल सिंह नेपाली -अलका सिन्हा हिंदी और नेपाली भाषा के सम्मानित कवि गोपाल सिंह नेपाली अपने गीतों के लिए विशेष लोकप्रिय रहे। उन्होंने फिल्मों के लिए भी गीत लिखे और…
विश्व विरासत सांची का स्तूप – डॉ. मुन्नालाल गुप्ता मध्य भारत में सांची के स्तूप, मंदिर, विहार और स्तंभ प्राचीनतम और सबसे परिपक्व कलाओं और स्वतंत्र वास्तुकला के उदाहरणों में…
अपने बुजुर्गों को अकेला मत छोड़िए – डॉ शिप्रा शिल्पी जर्मनी में विगत एक दशक से ज्यादा समय हो गया है। यहां के जीवन मे सहज रूप मे रम भी…
राजेंद्र, नीना मेहता : ग़ज़ल की पहली जोड़ी – देवमणि पांडेय, मुम्बई जब आंचल रात का लहराएऔर सारा आलम सो जाएतुम मुझसे मिलने शमा जलाकरताजमहल में आ जाना मौसम बारिश…
कुबेरनाथ राय – नर्मदा प्रसाद उपाध्याय 26 मार्च 1933 को उत्तर प्रदेश जिले के मतसा ग्राम में माता श्रीमती लक्ष्मी देवी व पिता श्री वैकुण्ठ राय के यहां जन्मे श्री…
अधूरी उड़ान – शिखा रस्तोगी, थाईलैंड चाहा था नभ को छूना, सपनों को रंग देना,पर हर मोड़ पर कहा गया — तू लड़की है, संयम से रह लेना। हर कहानी…
अमेरिका में विश्व भाषा मानक आधारित पाठ्यक्रम रचना – सुषमा मल्होत्रा, सहायक व्याख्याता, क्वींस कॉलेज, न्यूयॉर्क वैश्वीकरण के इस युग में भारत की राष्ट्रीय और आधिकारिक भाषा और एशिया की…
जापान में भारतीय ज्ञान परंपरा की कुछ छवियाँ डॉ वेदप्रकाश सिंह ओसाका विश्वविद्यालय, जापान जापान की संस्कृति में शिंतो और बौद्ध धर्म का अमिट प्रभाव है। शिंतो धर्म जापान में…
अनुभौ उतरयो पार! डॉ. अशोक बत्रा, गुरुग्राम कबीर का जीवन ही दर्शन पर आधारित था। उन्होंने जो देखा, उसी को कहा। किसी किताब-विताब के चक़्कर में नहीं रहे। कहते हैं,…
शरद जोशी हास्य का मर्म, व्यंग्य का धर्म और साहित्य की आत्मा थे ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र “लेखक होना केवल शब्दों से खेलना नहीं होता, बल्कि समाज की नब्ज…
गणेश लेखनविद्या और ॐ ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर महाराष्ट्र मानव सभ्यता के इतिहास में संवाद की कला ने एक विशेष स्थान बनाया है। प्राचीन काल से ही मनुष्य ने परस्पर…
दक्षिण, मध्य और पूर्व एशिया में हिंदी शिक्षण: समस्याएँ और सुझाव डॉ. ज्ञान प्रकाश विजिटिंग प्रोफेसर, हांगुक यूनिवर्सिटी ऑफ़ फॉरेन स्टडीज़ (HUFS),सिओल, दक्षिण कोरिया ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना से संचालित…
दक्षिण कोरिया में “बुद्धं शरणं गच्छामि!” डॉ. संजय कुमार, दक्षिण कोरिया बिहार स्थित गया (जिसका नया नामकरण गया जी किया गया है) मेरी पुश्तैनी धरती रही है। गया बौद्ध धर्म…
अंग्रेजी माध्यम : दोषी कौन – डॉ. अशोक बत्रा, गुरुग्राम निसंदेह नन्हे-नन्हे बच्चों से नन्हीं-सी आयु में अपनी भाषा छुड़वाकर किसी विदेशी भाषा में पढ़वाना डायलिसिस जैसा कष्टकारी है। भाषांतरण…
रोबोट: एक शब्द की अनोखी यात्रा ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र 1920 का साल, जब चेक लेखक कारेल चापेक ने अपनी नाटकीय कृति R.U.R. (रॉसुम्स यूनिवर्सल रोबोट्स) के माध्यम से…
‘मानस’ में रामभक्त के मापदंड प्रो.आलोक गुप्त, पूर्व प्रोफेसर, गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने तुलसी के सदाचार और भक्ति को अन्योन्याश्रित बताया है। वैसे तो इसमें कोई नवीनता…
कट्टी बट्टी ~डॉ सुरेश पंत (शब्दों के साथ साथ के लेखक) “कट्टी तो कट्टी बारह बजे बट्टी मैं खाऊँ आइस्क्रीम तू खाए मिट्टी …… हा-हा, हा-हा-हा !!!” हमारा बचपन कट्टी-बट्टी…