Category: लेख

कमरा का कमरे क्यों हो जाता है? – (आलेख)

कमरा का कमरे क्यों हो जाता है? डॉ. अशोक बत्रा, गुरुग्राम चाय के खोखे पर इधर – उधर की चल रही थी। प्रोफेसर गुप्ता ने हिंदी की बखिया उधेड़ते हुए…

पंडित दीनानाथ मंगेशकर की अंतिम यात्रा: जब संगीत मौन हो गया – (आलेख)

पंडित दीनानाथ मंगेशकर की अंतिम यात्रा : जब संगीत मौन हो गया – प्रस्तुति- विजय नगरकर अप्रैल की तपती दोपहर थी। सड़कें सुनसान थीं, जैसे खुद शहर ने भी मौन…

जापानी विद्यालयों से जीवन मूल्यों की सीख – (आलेख)

जापानी विद्यालयों से जीवन मूल्यों की सीख – डॉ अर्चना पांडेय, जापान वर्ष 2013 में टोक्यो के एक अंतरराष्ट्रीय विद्यालय में हिंदी सेकेंड लैंग्वेज शिक्षिका के रूप में मेरी नई…

महाराष्ट्र राज्य स्थापना दिवस – (आलेख)

महाराष्ट्र राज्य स्थापना दिवस ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र मराठी राजभाषा दिन और मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक भूमिका 1 मई 1960 को जब महाराष्ट्र राज्य की स्थापना भाषावार प्रांत रचना…

मनोदैहिक विकारों में योग की भूमिका – (आलेख)

मनोदैहिक विकारों में योग की भूमिका – मनोज श्रीवास्तव कल भोपाल विश्वविद्यालय में Role of Yoga in Psycho-somatic disorders में बोलते हुए मैंने कहा कि योग मन का जनतंत्र है।…

कृष्ण-कृष्णा की प्रेमावस्था…

कृष्ण-कृष्णा की प्रेमावस्था… (कुछ शास्त्रीय चरित्रों पर मुक्त विमर्श) – यूरी बोत्वींकिन, युक्रेन केनोपनिषद के तृतीय खंड में देवताओं का अभिमान तोड़ने के लिए ब्रह्म उनके समक्ष एक यक्ष के…

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: उर्दू और हिंदी एक भाषा, भाषा को धर्म से न जोड़ा जाए – (आलेख)

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: उर्दू और हिंदी एक भाषा, भाषा को धर्म से न जोड़ा जाए विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र वादी: श्रीमती वर्षताई पत्नी श्री संजय बागड़ेप्रतिवादी: महाराष्ट्र राज्य…

जापान में मेरा अनुभव – (आलेख)

जापान में मेरा अनुभव रूपा सिंह, जापान मैंने जापान आने के बाद देखा कि दुनिया में ऐसा समाज भी होता है जहाँ किसी को भी किसी का कैसा भी होना…

जापानी एनीमेशन स्टूडियो जिबली की फिल्में – (आलेख)

जापानी एनीमेशन स्टूडियो जिबली की फिल्में डॉ वेदप्रकाश सिंह, ओसाका विश्वविद्यालय, जापान ओसाका विश्वविद्यालय में हिंदी पढ़ाते हुए अपने जापानी विद्यार्थियों से उनकी किसी पसंदीदा जापानी फिल्म का नाम पूछता…

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की भाषा नीति – (शोध आलेख)

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की भाषा नीति ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, जिन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया और जो भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार थे, ने…

व्याकरण और लोक-प्रचलन के बीच का द्वंद्व – (विचार स्तंभ)

व्याकरण और लोक-प्रचलन के बीच का द्वंद्व – सृजन कुमार, बुसान यूनिवर्सिटी ऑफ फॉरेन स्टडीज कुछ दिनों पहले फेसबुक पर एक पोस्ट से आँखें दो-चार हो गईं। हालाँकि मैं फेसबुक…

  भारतीय प्राचीन ज्ञान-परंपरा में प्रसव पूर्व मनोविज्ञान (Prenatal Psychology) – (आलेख)

भारतीय प्राचीन ज्ञान-परंपरा में प्रसव पूर्व मनोविज्ञान (Prenatal Psychology) – यूरी बोत्वींकिन, हिंदी शिक्षक एवं भारतविद्, तरास शेव्चेंको कीव राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, यूक्रेन “ज्ञान ही शक्ति है” – मेरी मातृभाषा यूक्रेनी…

थाईलैण्ड में रामकथा – (शोध आलेख)

थाईलैण्ड में रामकथा – शिखा रस्तोगी अयोध्या का नाम लेते ही स्मृति-पटल पर सरयू के किनारे स्थित सूर्यवंश के चक्रवर्ती सम्राटों की उस राजधानी का भव्य चित्र मुखरित होता है,…

गांधी, काका कालेलकर और हिंदी – (विचार स्तंभ)

गांधी, काका कालेलकर और हिंदी – अतुल कुमार गांधी जी जब गुजरात बस गए तो वहां जैसे जीवन जाग उठा। राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने ‘गुजरात राजकीय परिषद’ की स्थापना की। गांधी…

अमेरिका में हिन्दी एवं देवनागरी लिपि – (आलेख)

अमेरिका में हिन्दी एवं देवनागरी लिपि – विनीता तिवारी, वर्जीनिया, अमेरिका विनीता तिवारी, वर्जीनिया, अमेरिका द यूनाइटेड स्टेट्स आफ़ अमेरिका, देश- दुनिया के सभी लोगों को अपनी और आकर्षित करने…

मराठी-फारसी राज्य व्यवहार कोश की संक्षिप्त जानकारी – (लेख)

मराठी-फारसी राज्य व्यवहार कोश की संक्षिप्त जानकारी ~विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र छत्रपति शिवाजी महाराज ने राज्य व्यवहार कोश मराठी में जारी किया था। इसके पीछे का इतिहास इस प्रकार है:…

यूक्रेन रूस युद्ध में भाषा विवाद का बारूद – (विचार स्तंभ)

यूक्रेन रूस युद्ध में भाषा विवाद का बारूद ~ विजय नगरकर यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे संघर्ष में भाषा विवाद एक महत्वपूर्ण और जटिल पहलू है, जो दोनों…

जब प्रवासी साहित्य ने ब्रिटिश साम्राज्य को झुकने पर मजबूर किया – (विचार स्तंभ)

जब प्रवासी साहित्य ने ब्रिटिश साम्राज्य को झुकने पर मजबूर किया – अभिषेक त्रिपाठी, बेलफास्ट,आयरलैंड हिंदी साहित्य की मुख्यधारा में प्रवासी साहित्य को कई बार ऐसा साहित्य माना जाता है,…

महात्मा गांधी और हिंदी – (विचार स्तंभ)

महात्मा गांधी और हिंदी – अतुल कुमार प्रभाकर अंग्रेजों ने भारत में अपनी पैठ बनाने के लिए हिंदुओं की पीठ पर हाथ रखा और कहा कि मुसलमान तो बाहर से…

वर्णमाला में वर्ण नहीं हैं – (विचार-स्तम्भ)

वर्णमाला में वर्ण नहीं हैं – डॉ अशोक बत्रा उस दिन की बात है। कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाने वाले अध्यापकों का प्रशिक्षण चल रहा था। मैंने पूछ लिया…

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