यूक्रेन रूस युद्ध में भाषा विवाद का बारूद – (विचार स्तंभ)
यूक्रेन रूस युद्ध में भाषा विवाद का बारूद ~ विजय नगरकर यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे संघर्ष में भाषा विवाद एक महत्वपूर्ण और जटिल पहलू है, जो दोनों…
हिंदी का वैश्विक मंच
यूक्रेन रूस युद्ध में भाषा विवाद का बारूद ~ विजय नगरकर यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे संघर्ष में भाषा विवाद एक महत्वपूर्ण और जटिल पहलू है, जो दोनों…
जब प्रवासी साहित्य ने ब्रिटिश साम्राज्य को झुकने पर मजबूर किया – अभिषेक त्रिपाठी, बेलफास्ट,आयरलैंड हिंदी साहित्य की मुख्यधारा में प्रवासी साहित्य को कई बार ऐसा साहित्य माना जाता है,…
महात्मा गांधी और हिंदी – अतुल कुमार प्रभाकर अंग्रेजों ने भारत में अपनी पैठ बनाने के लिए हिंदुओं की पीठ पर हाथ रखा और कहा कि मुसलमान तो बाहर से…
वर्णमाला में वर्ण नहीं हैं – डॉ अशोक बत्रा उस दिन की बात है। कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाने वाले अध्यापकों का प्रशिक्षण चल रहा था। मैंने पूछ लिया…
शाहीर योगेश – मराठी और हिंदी शाहिरी कला का एक अमूल्य नायक ~ विजय नगरकर देश धरम पर मिटने वाला।शेर शिवा का छावा था।।महापराक्रमी परम प्रतापी।एक ही शंभू राजा था।।…
बुल्गारिया का पर्व मार्तेनित्सा लोहित नभ, श्वेत धरा – मार्तेनित्सा का आशीर्वाद मार्तेनित्सा – यह केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, शांति, और सौभाग्य का प्रतीक है। यह पर्व बुल्गारिया…
राजभाषा हिंदी प्रचार प्रसार में एण्ड्राइड मोबाइल की भूमिका – विजय प्रभाकर नगरकर आधुनिक तकनीकी विकास के साथ भाषा का विस्तार भी धीरे धीरे बढ़ रहा है। । सूचना प्रौद्योगिकी…
आगे आगे होता है क्या! – डॉ अशोक कुमार बत्रा लगभग 20 वर्ष पहले की बात है। चुनावों की तैयारियाँ चल रही थीं। दोपहर 2.30 बजे के आसपास मेरे घर…
हिंदी की राजभाषा यात्रा ~ विजय नगरकर अभी तक विश्व के अनेक देशों में राजभाषा स्वीकृत नहीं हुई है। इसी तरह राष्ट्रभाषा का भी मामला अनेक देशों में लंबित है।…
स्पेन में हिन्दी – पूजा अनिल मैं यह मानती हूँ कि भाषाएँ नदी की धारा की तरह होती हैं, जहाँ राह मिल गई, उसी तरफ आबाद हो जाती हैं। हमारी…
संतचरित्रकार संत कवि महीपती मराठी संत कवी व संत चरित्रकार महिपती ने उत्तर भारत और महाराष्ट्र के अनेक संतों का परिचय ‘भक्तविजय ‘ मराठी ग्रंथ द्वारा प्रदान किया है। जिसका…
जगद्गुरु संत तुकाराम ~ विजय नगरकर, अहमदनगर, महाराष्ट्र पंढरपुर स्थित विठ्ठल भगवान के वारकरी संप्रदाय के प्रमुख संतों में संत तुकाराम का नाम बहुत आदरपूर्वक लिया जाता है। संत तुकाराम…
मॉरीशस देश में महाशिवरात्रि का पर्व (– सुनीता पाहूजा) महाशिवरात्रि का पर्व भारत में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। वर्षभर में 12 शिवरात्रियाँ होती हैं परंतु इनमें महाशिवरात्रि…
शिव विरोधाभासी प्रतीकों के परे हैं – अनिल जोशी मेरा भी पहला संपर्क शिव से रामकथा के माध्यम से आया आता है। रामकथा में हम पाते हैं कि रावण पर…
महाकुंभ 2025 : आस्था को सहेजने के लिए मुझे सौ आंखें और चाहिए – रामा तक्षक मेरा बहुत समय से भारतीय ज्ञान परम्परा और महाकुंभ के बारे में लिखने का…
छायावाद हिंदी साहित्य के उत्थान की काव्य-धारा – डॉ अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश हिन्दी साहित्य के आधुनिक काल में द्विवेदी युग के बाद के काल को छायावादी युग…
अनुवाद की अंतरगाथा – दिव्या माथुर दक्षिण एशिया का जीवंत बहुभाषावाद हमारी साहित्यिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो स्थानीय और प्रवासी संस्कृति का भी प्रतिनिधित्व करता है। हमें…
निर्भीक योद्धा : मेजर मोहित शर्मा, अशोक चक्र, सेना मेडल – (आलेख) – शशि पाधा वर्ष 1857 से 1947 तक के इतिहास को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नाम से जाना…
जीवन में सफलता का रहस्य : भावनात्मक बुद्धिमत्ता – शशि पाधा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्राणी सफलता के उच्चतम शिखर पर पहुँचने की अभिलाषा रखता है और इसके लिये…
भूत और भविष्य के सेतु : बुज़ुर्ग – शशि पाधा घनी शाखाओं वाले विशाल वटवृक्ष की ठण्डी छाँव हर प्राणी को राहत देती है और चिन्ताएँ हर लेती है। जो…