Category: भारतीय रचनाकार

दिलीप प्रभावलकर – (आज जिनका जन्मदिन है)

दिलीप प्रभावलकर रजनीकांत शुक्ला दिलीप प्रभावलकर का जन्म 4 अगस्त 1944 को मुम्बई में हुआ। वे एक भारतीय मराठी अभिनेता, निर्देशक, नाटककार और लेखक हैं। उनका हिंदी और मराठी रंगमंच,…

हिडिम्बा प्रदेश मनाली – (यात्रा संस्मरण)

हिडिम्बा प्रदेश मनाली डॉ वरुण कुमार अपना देश प्राकृतिक विविधता की दृष्टि से विलक्षण है। यहाँ एक ही समय में एक जगह लू चलती है तो दूसरी जगह बर्फ पड़ती…

अंतिम उम्मीद का आखिरी टिकट – (व्यंग्य कथा)

अंतिम उम्मीद का आखिरी टिकट डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ पुराने शहर के उस कोने में, जहाँ सूरज की किरणें भी सरकारी फाइलों की तरह देर से पहुँचती थीं, एक…

राष्ट्रपति भवन में कला उत्सव – (ब्लॉग)

राष्ट्रपति भवन में कला उत्सव डॉ सच्चिदानंद जोशी माननीय राष्ट्रपति जी भेंट होना हमेशा ही अत्यंत सुखद रहता है। उनकी सादगी और सहजता बहुत कुछ सिखा देती है। साथ ही…

‘न्यू नॉर्मल’ का अर्थ (लोकसभा में प्रयुक्त) – (ब्लॉग)

‘न्यू नॉर्मल’ का अर्थ (लोकसभा में प्रयुक्त) ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर महाराष्ट्र आज (29 जुलाई, 2025) लोकसभा सत्र में, “न्यू नॉर्मल” शब्द का व्यापक रूप से उपयोग किया गया, खासकर…

हिडिम्बा प्रदेश मनाली – (यात्रा संस्मरण)

हिडिम्बा प्रदेश मनाली डॉ वरुण कुमार अपना देश प्राकृतिक विविधता की दृष्टि से विलक्षण है। यहाँ एक ही समय में एक जगह लू चलती है तो दूसरी जगह बर्फ पड़ती…

प्रेम जन्मेजय द्वारा संपादित ‘व्यंग्य यात्रा’ पत्रिका जुलाई- सितंबर 2025 अंक अति शीध्र प्रकाशित – (ब्लॉग)

प्रेम जन्मेजय के कलम से : -प्रेम जन्मेजय मित्रो! पिछले डेढ़ महीने से मेरा ओढ़ना- बिछौना बना ‘व्यंग्य यात्रा’ का 148 पृष्ठीय जुलाई- सितंबर 2025 अंक प्रेस में चला गया…

सिंगिरेड्डी नारायण – (आज जिनका जन्मदिन है)

सिंगिरेड्डी नारायण -रजनीकांत शुक्ला सिंगिरेड्डी नारायण रेड्डी का जन्म 29 जुलाई, 1931 को तत्कालीन हैदराबाद राज्य (तेलंगाना राज्य) के दूरदराज़ के गांव हनुमाजीपेट के एक कृषक परिवार में हुआ था।…

बाबासाहेब पुरंदरे – (आज जिनका जन्मदिन है)

बाबासाहेब पुरंदरे -रजनीकांत शुक्ला बाबासाहेब पुरंदरे का जन्म 29 जुलाई, 1922 को हुआ था। उन्हें महाराष्ट्र में शिवशहर के नाम से जाना जाता है। वे मराठी साहित्यकार, नाटककार तथा इतिहास…

आलोचक – (कविता)

नरेश शांडिल्य आलोचक उसने मेरे पसीने को पानी कहामैं चुप रहा उसने मेरे आँसू को पानी कहामैं चुप रहा उसने मेरे ख़ून को पानी कहामैं चुप रहा लेकिन जब उसनेअपनी…

अग्रवाल अंग्रेजी गलत क्यों लिखते हैं? – (ब्लॉग)

अग्रवाल अंग्रेजी गलत क्यों लिखते हैं? डॉ. अशोक बत्रा, गुरुग्राम शीर्षक पढ़ते ही अग्रवाल साहब नाराज़ हो गए, बल्कि कहूँगा कि कुपित हो गए। बोले — जानते हो, हम अग्रवालों…

अम्मा – (कविता)

नरेश शांडिल्य अम्मा मंदिर की देहरीभजन गाती मंडलीदाना चुगती चिड़ियातुलसी का बिरवापीपल का पेड़छड़ीवॉकरअस्पताल का स्ट्रेचर…जब-जब भी दिखते हैंयाद आने लगती है –अम्मा… सब छोड़ गई अम्मा –अपना हॉल सा…

घास काटती हुई औरत – (कविता)

– नरेश शांडिल्य घास काटती हुई औरत बाग़ मेंघास काट रही है एक औरत पर वैसे नहीं –जैसे गोवा के टापूकाट रहे हैं छुट्टियाँ पर वैसे नहीं –जैसे संसद के…

विल यू मैरी मी (कहानी)     

विल यू मैरी मी प्रो. सारिका कालरा भारती ने अपने व्हाट्एप्प मैसेज चेक किए तो आज फिर मीनल का कोई मैसेज नहीं था। ‘पहले तो रोज सुबह-सुबह ही ‘मम्मा गुड…

सारिका कालरा – (परिचय)

प्रो. सारिका कालरा जन्म – 15 अक्टूबर, 1979 (बंबई) शिक्षा – बी. ए., एम. ए. (हिन्दी) (इंद्रप्रस्थ महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय), एम. फिल., पीएच. डी. (दिल्ली विश्वविद्यालय) जे. आर. एफ. ,…

तुम्हारे बगैर मृत्यु ईश्वर! – (संस्मरण)

तुम्हारे बगैर मृत्यु ईश्वर! – डॉ0 वरुण कुमार माँ नहीं रहीं। दो महीनों तक मृत्‍यु से संघर्ष करने के बाद वे विदा हो गईं। दिमाग की नस फटने से वे…

डा. गिरिराजशरण अग्रवाल – (आज जिनका जन्मदिन है)

डा. गिरिराजशरण अग्रवाल रजनीकांत शुक्ला डा. गिरिराजशरण अग्रवाल का जन्म 14 जुलाई 1944 को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के सम्भल नामक कस्बे में हुआ था। इनके पिता का नाम…

हिंदी तेरा क्या होगा – (विचार स्तंभ)

हिंदी तेरा क्या होगा डॉ. अशोक बत्रा, गुरुग्राम अँधेरा इतना सघन है कि एक जुगनू भी नहीं टिमटिमा रहा। जिस सोसाइटी में रहता हूँ, वहाँ हिंदी में कोई छींकता भी…

सोशल मीडिया में दक्षता एवं प्रबंधन कौशल विकास – (आलेख)

सोशल मीडिया में दक्षता एवं प्रबंधन कौशल विकास मनोज कुमार श्रीवास्तव वैसे सोशल मीडिया की डाउनसाइड ही ज्यादा बताई जाती हैं। माएँ अपने बच्चों को डाँटती हैं। पत्नियाँ पति को…

आदि महाकवि वाल्मीकि के अप्रतिम साहित्यिक अवदान – (पुस्तक समीक्षा)

आदि महाकवि वाल्मीकि के अप्रतिम साहित्यिक अवदान ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र रामायण के आदि-कवि महर्षि वाल्मीकि भारतीय साहित्य की उस जीवंत ज्योति की तरह हैं, जिसकी आलोकरेखा सदियों से…

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