Category: भारतीय रचनाकार

देश-विदेश के युवा रचनाकार – (वैश्विक हिन्दी परिवार के 6 जुलाई 2025 के कार्यक्रम की संक्षिप्त रिपोर्ट)

देश-विदेश के युवा रचनाकार सृष्टि में सृजन अद्भुत है। सृजन के क्षणों में मनुष्य अर्धसमाधि की अवस्था में होता है। कविता सृजन हेतु विचार कौंधते हैं और स्वतः फूट पड़ते…

चन्द्रधर शर्मा गुलेरी – (आज जिनका जन्मदिन है)

चन्द्रधर शर्मा गुलेरी -रजनीकांत शुक्ला चन्द्रधर शर्मा गुलेरी का जन्म 7 जुलाई, 1883 को हिमाचल प्रदेश के एक गाँव गुलेर में हुआ था। वे हिन्दी के प्रख्यात साहित्यकार थे। बीस…

भाषा, उच्चारण और बहुभाषिकता : क्या उच्चारण ज्ञान का मानक है? – (आलेख)

उच्चारण के सन्दर्भ में एक भारतीय पेशेवर की व्यथा : क्या उच्चारण ज्ञान का मानक है? ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र भूमिका भाषा केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं है, यह…

माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में शब्दकोश का प्रयोग – (वैश्विक हिन्दी परिवार के 29 जून 2025 के कार्यक्रम की संक्षिप्त रिपोर्ट)

माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में शब्दकोश का प्रयोग आज का युग सूचना प्रौद्योगिकी और नित नई बदलती तकनीकी से जुड़ा है। समसामयिकता के अनुरूप वैश्विक हिन्दी परिवार द्वारा सहयोगी संस्थाओं के तत्वावधान…

कैरीबियन देशों की देन ‘चटनी संगीत’ – (आलेख)

कैरीबियन देशों की देन ‘चटनी संगीत’ – डॉ. दीप्ति अग्रवाल आप सबने दबंग 2 का गाना ‘फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी’ और ‘गैंग्स ऑफ वसेपुर’ के गाने जरूर सुने होंगे।…

भाषा का मर्म – (अनुवाद)

~ आशुतोष अडोणी, (मराठी लेखक,वक्ता), नागपुर, महाराष्ट्र हिंदी अनुवाद – विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र भाषा का मर्म वेध एक एक मराठी लेखिका के बेटे के शादी का स्वागत समारोह था।…

प्रेम और समय – (लघु कथा)

प्रेम और समय डॉ महादेव एस कोलूर एक बार की बात है, एक द्वीप था जहाँ सभी भावनाएँ रहती थीं – खुशी, दुख, ज्ञान, ईर्ष्या और बाकी सभी, जिसमें प्रेम…

स्थाई पता – (संस्मरण)

स्थाई पता – सच्चिदानंद जोशी अपना भोपाल का घर समेटते हुए एक पुराना कागज हाथ लग गया, मेरे हायर सेकेंडरी बोर्ड के नामांकन पत्र का। नवीं क्लास में थे हम।…

एक खाली सिंहासन का दुःख – (व्यंग्य कथा)

एक खाली सिंहासन का दुःख डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ जनहित महासेवा सद्भाव समिति, जिसका नाम सुनते ही किसी के भी मन में ‘जनसेवा’ से अधिक ‘महा’ शब्द की विराटता…

सब सुंदर! – (आलेख)

सब सुंदर! डॉ. अशोक बत्रा, गुरुग्राम मैंने पूछा — ऋषिकेश गए थे। कैसा लगा?बोले — बहुत सुंदर! बहुत खूबसूरत!–और गंगा का किनारा?–अरे पूछो मत! बहुत सुंदर!— रास्ते की पहाड़ियाँ?— अरे…

‘राष्ट्रभाषा विचार संग्रह’ – (पुस्तक परिचय)

‘राष्ट्रभाषा विचार संग्रह‘ ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र ‘राष्ट्रभाषा विचार संग्रह‘ 🏢 प्रकाशक एवं संपादन विवरण संपादक: श्री मोहनलाल भट्ट प्रकाशक: राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, हिंदीनगर, वर्धा महाराष्ट्र प्रथम प्रकाशन वर्ष:…

योग का विदेश में बढ़ता प्रचार–प्रसार – (वैश्विक हिन्दी परिवार के 22 जून 2025 के कार्यक्रम की संक्षिप्त रिपोर्ट)

योग का विदेश में बढ़ता प्रचार–प्रसार समत्वम योग उच्यते, अर्थात मन का समभाव ही योग कहलाता है। योग: कर्मसुकौशलम, सर्वविदित है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आलोक में वैश्विक हिन्दी परिवार…

आशीर्वाद संस्था का शानदार आयोजन – (रिपोर्ट)

आशीर्वाद संस्था का शानदार आयोजन साहित्य और संस्कृति की प्रतिनिधि संस्था आशीर्वाद ने 56 साल का सुहाना सफ़र तय कर लिया है। शुक्रवार 20 जून 2025 को मुम्बई के अजंता…

ललित निबंध – (आलेख)

ललित निबंध कृति “नदी तुम बोलती क्यों हो” की भूमिका का अंश निबंध-लेखन की पुरानी और समृद्ध परम्पराओं में जब ललित निबंध आया तो उस निबंध के बारे में यही…

बापू कुटी सेवाग्राम आश्रम (गांधी आश्रम, वर्धा) में घूमते हुए… – (आलेख)

महात्मा गांधी महात्मा गांधी द्वारा स्थापित आश्रम, बापू की सोच, चिंतन की प्रयोगस्थली है, उनके जीवनदृष्टि की बुनियाद है। इतिहास का एक विद्यार्थी होने के नाते जब गांधी आश्रम (फीनिक्स-1904,…

वैश्विक हिंदी परिवार की उड़ान – (कविता)

डॉ. महादेव एस कोलूर वैश्विक हिंदी परिवार की उड़ान (जून 2020 से जून 2025 के पाँच स्वर्णिम वर्षों पर आधारित) हिंदी के स्वर ने जब सुर छेड़ा,दूर देशों का मन…

महादेव एस कोलूर – (परिचय)

डॉ महादेव एस कोलूर सेवा निवृत्त सहायक निदेशक (राजभाषा) भासंनिलि विजयपुर एवं सदस्य सचिव नराकास बागलकोट, राजभाषा विभाग गृह मंत्रालय भारत सरकार। स्वरचित कविताएं और साहित्य की ब्यौरा…. 1) पहला…

सुशीला सामद – (हिंदी के विकास में हिंदीतर)

सुशीला सामद: हिंदी की पहली आदिवासी कवयित्री – एक विस्तृत परिचय ~ विजय नगरकर भारतीय साहित्य के विशाल फलक पर कई ऐसे नाम हैं, जो अपनी प्रतिभा और योगदान से…

पं. माधवराव सप्रे – (आज जिनका जन्मदिन है)

पं. माधवराव सप्रे – रजनीकांत शुक्ला पं. माधवराव सप्रे जी का जन्म 19 जून 1871 में मध्य प्रदेश के दमोह ज़िले के पथरिया ग्राम में हुआ था। वे राष्ट्रभाषा हिन्दी…

भाषा में दबंगई – (आलेख)

भाषा में दबंगई – डॉ. अशोक बत्रा, गुरुग्राम संविधान बनाए ही इसलिए जाते हैं कि व्यवस्था और शासन नियम से चलें, न कि उठाईगिरी, दबंगई या जबरदस्ती के कब्जे-से। कब्जा…

Translate This Website »