अनुभौ उतरयो पार! – (विचार स्तंभ)
अनुभौ उतरयो पार! डॉ. अशोक बत्रा, गुरुग्राम कबीर का जीवन ही दर्शन पर आधारित था। उन्होंने जो देखा, उसी को कहा। किसी किताब-विताब के चक़्कर में नहीं रहे। कहते हैं,…
हिंदी का वैश्विक मंच
अनुभौ उतरयो पार! डॉ. अशोक बत्रा, गुरुग्राम कबीर का जीवन ही दर्शन पर आधारित था। उन्होंने जो देखा, उसी को कहा। किसी किताब-विताब के चक़्कर में नहीं रहे। कहते हैं,…
Deepa Bhatti – अनीता वर्मा कन्नड़ लेखिका बानू मुश्ताक को उनके अंग्रेज़ी में अनूदित कहानी संग्रह ‘हार्ट लैंप’ के लिए प्रदान किया गया है। इन कहानियों का कन्नड़ से अनुवाद…
डिजिटल हिन्दी की यात्रा भूमंडलीकरण ने हमारे सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन के साथ-साथ भारतीय भाषाओं को भी काफी प्रभावित किया है। आज के यांत्रिक युग में भाषा का प्रयोग केवल…
© विनयशील चतुर्वेदी ग़ज़ल रहते हैं किस तौर यहाँ पर हाल न पूछोमिलती है किस भाव यहाँ पर दाल न पूछो आत्महत्या पर खेतिहर की भी साहब जीहंसते हैं कि…
विज्ञान वैभव: पुस्तक परिचय विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र विज्ञान हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन अक्सर इसे जटिल शब्दों और कठिन भाषाशैली में प्रस्तुत किया जाता है। इससे आम…
डॉ० अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’, प्रयागराज दिल में दीप जलाने वाले (सार छन्दाधारित गीत) घर-आँगन में घोर निराशा, चहुँदिश है अँधियारा।दिल में दीप जलाने वाले, नित करते उजियारा॥ दुराचार के कारण…
– निशा भार्गव आपरेशन सिंदूर आज से 48 वर्ष पूर्व हमने भी किया थाऑपरेशन सिंदूरजिससे हमारे चेहरे पर छाया था नूरमाँग का सिंदूर रहा था चमकऔर उसी दिन से शुरू…
निशा भार्गव नाम : निशा भार्गवजन्म स्थान : जयपुर, राजस्थानशिक्षा : एम.ए. (अर्थशास्त्र)राजस्थान विश्वविद्यालय से स्वर्ण पदक प्राप्त किया। राष्ट्रकवि डॉ. रामधारी सिंह दिनकर द्वारा मैडल प्राप्तअपने विद्यालय की सर्वश्रेष्ठ…
अपने आप से एक मुलाकात – अनिल जोशी मेरा जन्म दिल्ली में हुआ। हमारी परवरिश पुरानी दिल्ली में हुई। पुरानी दिल्ली की तहज़ीब, तौर-तरीके, स्वाद की मिठास हमारे व्यक्तित्व का…
शरद जोशी हास्य का मर्म, व्यंग्य का धर्म और साहित्य की आत्मा थे ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र “लेखक होना केवल शब्दों से खेलना नहीं होता, बल्कि समाज की नब्ज…
गणेश लेखनविद्या और ॐ ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर महाराष्ट्र मानव सभ्यता के इतिहास में संवाद की कला ने एक विशेष स्थान बनाया है। प्राचीन काल से ही मनुष्य ने परस्पर…
अंग्रेजी माध्यम : दोषी कौन – डॉ. अशोक बत्रा, गुरुग्राम निसंदेह नन्हे-नन्हे बच्चों से नन्हीं-सी आयु में अपनी भाषा छुड़वाकर किसी विदेशी भाषा में पढ़वाना डायलिसिस जैसा कष्टकारी है। भाषांतरण…
दाढ़ी – रवि ऋषि मेरी जो गिनी चुनी आदतें मेरी पत्नी को पसंद हैं, उनमे मेरी बढ़ी हुई दाढ़ी नहीँ है। और सफेद दाढ़ी तो बिलकुल नहीँ। जबकि हमें दाढ़ी…
– डॉ० अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’, प्रयागराज शस्य श्यामला वितान (श्येनिका छंद-२१२ १२१ २१२ १२) शस्य श्यामला वितान है धरा।उर्वरा स्वदेश है हरा भरा॥हैं उपत्यका नवीन वेश में।मेखला विराजमान देश में॥…
डॉ. मंजु गुप्ता जल ही जीवन बहता पानी नदिया हैझरता पानी झरनाबरसता है तो बारिशआँखों में डबडबाए तो आँसूफूल पंखुरी पर लरजती ओस की बूँदजमकर हिमशिला, फ्रीजर में रख दो…
डॉ. मंजु गुप्ता पुरुष नहीं रोते तुम रोती हो, हँसती हो, खुलकर अपनी बात कहती होतारसप्तक में, कोई बात पसंद न आने पर, गुस्सा करती हो,खीजती हो, झल्लाती हो, बर्तन…
रोबोट: एक शब्द की अनोखी यात्रा ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र 1920 का साल, जब चेक लेखक कारेल चापेक ने अपनी नाटकीय कृति R.U.R. (रॉसुम्स यूनिवर्सल रोबोट्स) के माध्यम से…
‘मानस’ में रामभक्त के मापदंड प्रो.आलोक गुप्त, पूर्व प्रोफेसर, गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने तुलसी के सदाचार और भक्ति को अन्योन्याश्रित बताया है। वैसे तो इसमें कोई नवीनता…
कट्टी बट्टी ~डॉ सुरेश पंत (शब्दों के साथ साथ के लेखक) “कट्टी तो कट्टी बारह बजे बट्टी मैं खाऊँ आइस्क्रीम तू खाए मिट्टी …… हा-हा, हा-हा-हा !!!” हमारा बचपन कट्टी-बट्टी…
महाकवि बिहारी -राजेन्द्र रंजन चतुर्वेदी महाकवि बिहारी की गणना रीतिकाल के राज्याश्रित कवियों में ही की जाती है। महाराज जयसिंह के दरबार में थे ही, किन्तु राजा के मन में…