उपसर्ग और शब्द – (कविता)
उपसर्ग और शब्द हम भगतसिंह हैं, आज़ाद हैंहम करोड़ों नहींदस बीस होते हैमाना कि हम कटे हुए शीश होते हैंहम कौम के लिए उत्सर्ग होते हैंहम शब्द नहीं, उपसर्ग होते…
हिंदी का वैश्विक मंच
उपसर्ग और शब्द हम भगतसिंह हैं, आज़ाद हैंहम करोड़ों नहींदस बीस होते हैमाना कि हम कटे हुए शीश होते हैंहम कौम के लिए उत्सर्ग होते हैंहम शब्द नहीं, उपसर्ग होते…
उक्ति के बहाने से कुछ भी कहावो वाक्य हैअपना मत रखातो कथन हैकथन की ओर उँगलीउक्ति हैसारगर्भितया कि मर्मबेधक उक्तिसूक्ति हैऔर बरसों बरस का अनुभवचढ़ जाएलोगों की जुबान परतो लोकोक्ति…
मुहावरे और लोकोक्ति की भिड़ंत एक दिनमुहावरे और लोकोक्ति मेंहो गई जिद्दबाजीकदम पीछे हटाने कोन मुहावरा राजीन लोकोक्ति राजी! मुहावरे ने उचक कर कहा —तुम खुद को समझती क्या हो?तुम…
गणित और साहित्य पता नहीं कौन-सा काँटागणित के दिल में पैठ गयाकि एक दिन साहित्य से ऐंठ गयाबोला —अबे ओ साहबजादे साहित्य!कहते होंगे लोग तुझे आदित्य!पर यह मत भूलआदित्य की…
आगे आगे होता है क्या! – डॉ अशोक कुमार बत्रा लगभग 20 वर्ष पहले की बात है। चुनावों की तैयारियाँ चल रही थीं। दोपहर 2.30 बजे के आसपास मेरे घर…
डॉ. मदनलाल मधु : बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी डॉ. मदनलाल मधु एक प्रसिद्ध भारतीय लेखक, अनुवादक, पत्रकार और अध्यापक थे। उन्होंने अपने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया,…
हिंदी की राजभाषा यात्रा ~ विजय नगरकर अभी तक विश्व के अनेक देशों में राजभाषा स्वीकृत नहीं हुई है। इसी तरह राष्ट्रभाषा का भी मामला अनेक देशों में लंबित है।…
सुनो अमीनी दरख़्त की डाल…ऊंची फुनगी पे बैठीगौरैया से बतियातीअपनी जिज्ञासा रोक नहीं पायी…इक दिन सवाल कर ही बैठी… उड़ान के हौंसलेकहाँ से लाती हो तुम…?चीलों, गिद्दों और बाज़ की…
औरतें खिलखिलाती धूप सीऔरतेंअलसुबह चूल्हे को लीपतीगुनगुनाती हैंअलसाई तंद्रा को भगानेखदबदाते पानी के धुएँ मेंतलाशती हैंखुशियों की फरमाइशेंऔरनन्हें हाथों मेंचाँद सी रोटी थमाबोसा लेकेभरपूर मुस्कुराती हैं। पूरे दिन कोठेंगा दिखाचल…
आहट सर्द रातों मेंकोहरे को चीरतीएक सुलगी सी आहटबेलाग लिपट जाती हैबारंबार कुनकुनी धूप कोअपनी दोहर में लपेटे..! कभीचादर की सलवटों मेंउदासी की संतप्त सांसेंबीतने नहीं देतींसिरफिरी ख्वाहिशों कोउनकी उद्दाम…
युयुत्सु किसने चाहा युयुत्सु बनना..?सत्य के पक्ष में डटे रहनासमय की नंगी तलवार पे चलनावो भी बिना डगमगाए…!!!कुछसत्ता के पक्षधरअक्सर प्रश्नों के बवंडरउड़ा देते हैंआँखों में धूल की मोटी परत…
नोरिन शर्मा अनुभव एवम उपलब्धियां: 1. शिक्षाविद् 33 वर्ष (एहलकॉन पब्लिक स्कूल) 2.लेखन : (क) उल्लास (व्याकरण पुस्तक शृंखला-कक्षा ६से८) (ख) नवीन हिंदी व्यावहारिक व्याकरण और रचना (१-८) 3. सांझा…
डॉ. जी. गोपीनाथन: बहुभाषाविद, लेखक और शिक्षाविद डॉ. जी. गोपीनाथन एक प्रतिष्ठित भारतीय विद्वान, लेखक, शिक्षाविद और अनुवादक हैं। उन्होंने महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के कुलपति के रूप…
संतचरित्रकार संत कवि महीपती मराठी संत कवी व संत चरित्रकार महिपती ने उत्तर भारत और महाराष्ट्र के अनेक संतों का परिचय ‘भक्तविजय ‘ मराठी ग्रंथ द्वारा प्रदान किया है। जिसका…
जगद्गुरु संत तुकाराम ~ विजय नगरकर, अहमदनगर, महाराष्ट्र पंढरपुर स्थित विठ्ठल भगवान के वारकरी संप्रदाय के प्रमुख संतों में संत तुकाराम का नाम बहुत आदरपूर्वक लिया जाता है। संत तुकाराम…
विजय प्रभाकर नगरकर जन्म स्थल: नेवासा (महाराष्ट्र) अहिल्यानगर, महाराष्ट्र सम्प्रतिः सेवानिवृत्त राजभाषा अधिकारी बीएसएनएल, अहमदनगर, महाराष्ट्र मातृभाषा: मराठी हिंदी अध्ययन मंडल नामित सदस्य: पुणे विश्वविद्यालय (1995-2000) औरंगाबाद विश्वविद्यालय (2000-2005) राष्ट्रीय…
भारत एकता आधार शंकरा परिचय जब सनातन हो रहा था खंड खंड हो पाखंड से बाधितजब बौद्ध धर्म प्रतिक्रिया से वह हो रहा था अपमानिततब पुनः करने वेद शास्त्र पुराण…
अजेय जुगरान पेशे से वकील और शौक से कवि-लेखक। पहली किताब, *अंतरंग सतरंग*, सत्तर हिंदी कविताओं का संग्रह, दिसंबर 2021 में प्रकाशित हुई और दूसरी, *द ब्रिज ऑन द रिवर…
महाकुंभ: ज्ञान, भक्ति व आस्था का संगम – शशिकांत कुंभ सदियों से भारतीय जन मानस की धार्मिक आस्था व संवेदनाओं से जुड़ा रहा है। इस तरह के आयोजनों के पीछे…
महात्मा गांधी संस्थान, मॉरीशस के भोजपुरी विभाग द्वारा 21 फरवरी 2025 को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का मुख्य विषय “Bhojpuri: The…