Category: विधा

विशेष विमर्श में अतिला कोतलावल की कविताएँ

विशेष विमर्श में अतिला कोतलावल की कविताएँ अतिला कोतलावल का नाम हिंदी भाषा शिक्षक, दुभाषिया, अनुवादक और प्रेरक वक्ता के रूप में जाना-पहचाना है। श्रीलंका की राजधानी से सुदूर पश्चिम…

युवा लेखन विशेष विमर्श में दीप्ति शर्मा की कविताएँ

युवा लेखन विशेष विमर्श में दीप्ति शर्मा की कविताएँ तीनों कविताएँ ‘आज़माइश’, ‘बदलते रंगों में’ और ‘पिता’ जीवन, प्रेम और पारिवारिक संवेदना के विविध पक्षों को मार्मिक ढंग से अभिव्यक्त…

गुरुदत्त : एक शापित गंधर्व – नेहा भांडारकर

गुरुदत्त : एक शापित गंधर्व – नेहा भांडारकर दिनांक: 9 जुलाई, 1925 को बंगलुरु में जन्मे, गुरु दत्त का नाम सुनते ही इंडियन सिनेमा के एक अनोखे, रहस्यमयी और टैलेंटेड…

विशेष विमर्श में पद्मश्री के. एस. निसार अहमद की कन्नड़ कविता का डॉ. मैथिली पी. राव द्वारा हिन्दी अनुवाद

विशेष विमर्श में पद्मश्री के. एस. निसार अहमद की कन्नड़ कविता का डॉ. मैथिली पी. राव द्वारा हिन्दी अनुवाद परिचय : बेंगलुरु निवासी मैथिली पी. राव (जन्म : 1970) ने…

मनाली के इग्लू ( यात्रा संस्मरण) भाग – 3 : मनोज श्रीवास्तव ‘अनाम’

मनाली के इग्लू ( यात्रा संस्मरण) भाग – 3 : मनोज श्रीवास्तव ‘अनाम’ 23 जनवरी 2021 आँख खुली तो सवेरा हो चुका था, हालांकि धूप और सूरज का नामोनिशान नहीं…

विशेष विमर्श में ऋचा गिरि की कविताएँ

विशेष विमर्श में ऋचा गिरि की कविताएँ हिंदी साहित्य, विशेषकर कविता लेखन में ऋचा गिरि जी की गहरी रुचि है। अपनी संवेदनाओं, अनुभवों और विचारों की अभिव्यक्ति के लिए वे…

विशेष विमर्श में पुष्पा सिन्हा की कहानी “शिलाखंड बोल उठा”

विशेष विमर्श में पुष्पा सिन्हा की कहानी “शिलाखंड बोल उठा” कहानी शिलाखंड बोल उठा, एक सामान्य मूर्तिकार की लगन और भगवान के प्रति उसके मन की उथल पुथल को सटीक…

हरेली पर्व : वृंदा पंचभाई

हरेली पर्व : वृंदा पंचभाई हरियाली का पर्व हरेलीमनभावन है पर्व हरेलीहल,कुदाल,रापा,नागरकरते पूजा पर्व हरेली पिट्टुल,बिल्लस, भौरांबांटी,फुगड़ी खेल न्यारेगेड़ी चढ़ते ये बच्चे प्यारेबरखा का यह पर्व हरेली बबरा चीला पकवान…

दूर तक फैला हुआ एकान्त : विज्ञान व्रत

दूर तक फैला हुआ एकान्त : विज्ञान व्रत दूर तक फैला हुआ एकान्तसाथ में बैठी हुईं तनहाइयाँ शब्द ने तोड़े सभी अनुबन्धचुप्पियों की आ रही है गन्धदूर तक फैला हुआ…

डॉ. के. जयलक्ष्मी के आलेख में ‘रामचरितमानस’ : विश्व मानवता का पथप्रदर्शक

डॉ. के. जयलक्ष्मी के आलेख में ‘रामचरितमानस’ : विश्व मानवता का पथप्रदर्शक भारतीय संस्कृति सदैव से विश्व कल्याण, मानवता और समरसता की वाहक रही है। वसुधैव कुटुम्बकम् और सर्वे भवन्तु…

पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर : विजय नगरकर

पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर : विजय नगरकर साहित्य की दुनिया में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो समय की शिला पर अपनी अमिट छाप छोड़ते हैं। पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर…

जेन-जी की भाषा अब संसद तक! : विजय नगरकर

जेन-जी की भाषा अब संसद तक! : विजय नगरकर “वास्तेगुना-हुइंया”, “कुचु-पुचु”, “FOMO”, “MIA”, “Delulu”, “Clocked It”—ये शब्द कभी केवल सोशल मीडिया और युवाओं की बातचीत तक सीमित माने जाते थे।…

दिन विशेष विमर्श में डॉ. धनंजय कुमार की कविताएँ

दिन विशेष विमर्श में डॉ. धनंजय कुमार की कविताएँ अमेरिका के विश्व बैंक से सेवानिवृत्त, मास्टर योग शिक्षक और चिकित्सक, लेखक, कवि, नाटककार, सार्वजनिक वक्ता एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ता हैं डॉ.…

हिन्दीतर प्रांतों में हिंदी की स्थिति और हिन्दीतर क्षेत्रों के हिंदी समर्थक (शोध-पत्र): डॉ. मोक्षेन्द्र

हिन्दीतर प्रांतों में हिंदी की स्थिति और हिन्दीतर क्षेत्रों के हिंदी समर्थक (शोध-पत्र) : डॉ. मोक्षेन्द्र इस शोध-पत्र में हिंदीभाषी और हिंदीतर भाषी क्षेत्र के रूप में समूचे विश्व को…

श्रवणबेलगोला : इतिहास, संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत – डॉ.एस.ए.मंजुनाथ

श्रवणबेलगोला : इतिहास, संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत – डॉ.एस.ए.मंजुनाथ श्रवणबेलगोला भारत के प्रमुख जैन तीर्थों में से एक है। यह कर्नाटक के हासन जिले में स्थित विश्वविख्यात धार्मिक, ऐतिहासिक एवं…

राजेन्द्र राजन की पुस्तक ‘ये इश्क़ नहीं आसां’ : अतुल खरे द्वारा समीक्षा

राजेन्द्र राजन की पुस्तक ‘ये इश्क़ नहीं आसां’ : अतुल खरे द्वारा समीक्षा “ये इश्क नहीं आसां” राजेन्द्र राजन जी द्वारा संकलित एवं संपादित तथा समृद्द पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित एक…

दिन विशेष युवा लेखन विमर्श में उद्भव शांडिल्य की कविताएँ

दिन विशेष युवा लेखन विमर्श में उद्भव शांडिल्य की कविताएँ इन रचनाओं में संस्कृतनिष्ठ तत्सम शब्दावली, एक लयबद्ध प्रवाह और गंभीर दार्शनिक चिंतन प्रमुखता से दिखाई देता है। कवि का…

दिन विशेष नवोदित रचनाकार विमर्श में गौरी तिवारी की कहानी ‘माँ की साड़ी’

दिन विशेष नवोदित रचनाकार विमर्श में गौरी तिवारी की कहानी ‘माँ की साड़ी’ परिचय : गौरी तिवारी बी.ए. तृतीय वर्ष की छात्रा हैं और हिंदी ऑनर्स के माध्यम से हिंदी…

स्मृति के चलचित्र…गंगोत्री से गोमुख ग्लेशियर तक : डॉ. संजय अनंत

स्मृति के चलचित्र…गंगोत्री से गोमुख ग्लेशियर तक : डॉ. संजय अनंत स्मृति के चलचित्र…गंगोत्री से गोमुख ग्लेशियर तक, रोचक यात्रा संस्मरण प्रिय योगेश्वर के साथ मित्रो, ये तस्वीरें सन् 1986…

दिन विशेष विमर्श में युवा रचनाकार गोलेन्द्र पटेल की कविता

दिन विशेष विमर्श में युवा रचनाकार गोलेन्द्र पटेल की कविताएं गोलेन्द्र पटेल समकालीन हिन्दी के महत्त्वपूर्ण युवा कवि-लेखक हैं, जिनकी रचनाधर्मिता जनपक्षधरता, प्रतिरोध और सामाजिक न्याय की प्रखर चेतना से…

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