Author: वैश्विक हिंदी परिवार

बाल पुस्तक: ‘नानी की अटारी से कविता की पिटारी’ – (पुस्तक समीक्षा)

बाल पुस्तक: ‘नानी की अटारी से कविता की पिटारी’ -ओमप्रकाश प्रजापति (मुख्य सम्पादक- ट्रू मीडिया) बचपन कल्पना का संसार है, रंगों, धुनों, बातों और भावनाओं से भरा हुआ। इस संसार…

शरद जोशी हास्य का मर्म, व्यंग्य का धर्म और साहित्य की आत्मा थे – (आलेख)

शरद जोशी हास्य का मर्म, व्यंग्य का धर्म और साहित्य की आत्मा थे ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र “लेखक होना केवल शब्दों से खेलना नहीं होता, बल्कि समाज की नब्ज…

गणेश लेखनविद्या और ॐ – (आलेख)

गणेश लेखनविद्या और ॐ ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर महाराष्ट्र मानव सभ्यता के इतिहास में संवाद की कला ने एक विशेष स्थान बनाया है। प्राचीन काल से ही मनुष्य ने परस्पर…

दक्षिण, मध्य और पूर्व एशिया में हिंदी शिक्षण: समस्याएँ और सुझाव – (आलेख)

दक्षिण, मध्य और पूर्व एशिया में हिंदी शिक्षण: समस्याएँ और सुझाव डॉ. ज्ञान प्रकाश विजिटिंग प्रोफेसर, हांगुक यूनिवर्सिटी ऑफ़ फॉरेन स्टडीज़ (HUFS),सिओल, दक्षिण कोरिया ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना से संचालित…

ज्ञान प्रकाश – (परिचय)

डॉ. ज्ञान प्रकाश विजिटिंग प्रोफेसर हांगुक यूनिवर्सिटी ऑफ़ फॉरेन स्टडीज़ (HUFS),सिओल, दक्षिण कोरिया दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक, परास्नातक और पी.एचडी की डिग्री प्राप्त की। हिन्दू कॉलेज, विवेकानंद महाविद्यालय आदि दिल्ली…

दक्षिण कोरिया में “बुद्धं शरणं गच्छामि!” – (आलेख)

दक्षिण कोरिया में “बुद्धं शरणं गच्छामि!” डॉ. संजय कुमार, दक्षिण कोरिया बिहार स्थित गया (जिसका नया नामकरण गया जी किया गया है) मेरी पुश्तैनी धरती रही है। गया बौद्ध धर्म…

संजय कुमार – (परिचय)

डॉ. संजय कुमार डॉ. संजय कुमार पेशे से पत्रकार हैं और दक्षिण कोरिया स्थित द कोरिया हेराल्ड के संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। उनकी रिपोर्टिंग मुख्यतः कूटनीति, राजनीति, सामाजिक…

प्रवीण दाताराम की पुस्तक ‘जय-जय जयतु अहिल्या बाई’ का विमोचन – (रिपोर्ट)

प्रवीण दाताराम की पुस्तक ‘जय-जय जयतु अहिल्या बाई’ का विमोचन बैतूल। जयवंती हॉक्सर शासकीय महाविद्यालय स्थित अटल सभागार में शुक्रवार 16 मई को प्रवीण दाताराम की आठवीं पुस्तक जय-जय जयतु…

आधुनिकता बनाम परंपरा  – (लघुकथा)

– डॉ सुनीता शर्मा पहचान रेलवे स्टेशन के कोने में बैठी थी वह—रंग-बिरंगे कपड़ों में, आँखों में काजल, पर चेहरा बुझा हुआ। लोग आते-जाते रहे। कोई उसे टालकर निकला, कोई…

आधुनिकता बनाम परंपरा  – (लघुकथा)

– डॉ सुनीता शर्मा आधुनिकता बनाम परंपरा सिया ने अपनी डाइट का चार्ट बड़े ही मनोयोग से तैयार किया। गूगल खंगाला, विदेशी न्यूट्रिशनिस्ट के वीडियो देखे और आखिरकार एक नामी…

जन्मोत्सव  – (लघुकथा)

– डॉ सुनीता शर्मा जन्मोत्सव रीमा के हाथ काँप उठे जब उसने बेटी दीपिका की वीडियो कॉल उठाई। अस्पताल के सफेद कमरे में, थकी-सी दीपिका की गोद में नन्हा बच्चा…

मंच से घर तक  – (लघुकथा)

मंच से घर तक – डॉ सुनीता शर्मा नेता जी आज मंच पर पूरे जोश में थे। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का शुभ अवसर था, और वे गरज-गरजकर नारी शक्ति की…

एक छोटी सी बात… – (कहानी)

– डॉ सुनीता शर्मा, न्यूजीलैंड एक छोटी सी बात… आज जब मैं घर लौटी, तो बगल की बिल्डिंग से कुछ असामान्य शोर सुनाई दिया। निकोला — वहीं रहने वाली महिला…

अंग्रेजी माध्यम : दोषी कौन – (विचार स्तंभ)

अंग्रेजी माध्यम : दोषी कौन – डॉ. अशोक बत्रा, गुरुग्राम निसंदेह नन्हे-नन्हे बच्चों से नन्हीं-सी आयु में अपनी भाषा छुड़वाकर किसी विदेशी भाषा में पढ़वाना डायलिसिस जैसा कष्टकारी है। भाषांतरण…

‘कनाडा की चयनित कहानियाँ’ का लोकार्पण और चर्चा – (सूचना)

इस शनिवार, 24 मई, 2025 को हिंदी भाषा के प्रचार – प्रसार में रत, विश्व हिंदी सम्मान प्राप्त डॉ. जवाहर कर्णावट, कैनेडा के टोरंटो शहर में हिंदी राइटर्स गिल्ड कैनेडा…

दाढ़ी – (व्यंग्य)

दाढ़ी – रवि ऋषि मेरी जो गिनी चुनी आदतें मेरी पत्नी को पसंद हैं, उनमे मेरी बढ़ी हुई दाढ़ी नहीँ है। और सफेद दाढ़ी तो बिलकुल नहीँ। जबकि हमें दाढ़ी…

रीत इस दुनिया की – (कविता)

संगीता शर्मा, कनाडा *** रीत इस दुनिया की दुनिया बनाने वाले ये भी तूने क्या रीत बनाईभेज दी जाती हैं गैरों के,अपनी जाईहंस खेल रही होतीं हैं अपनों के बीचकर…

वक़्त – (कविता)

– संगीता शर्मा, कनाडा वक़्त सुन्दर वक़्त तो ऐसे बह निकलता हैजिस तरह घटायें हवाओं के साथहर पल, फुरती से बनता चला जाता है कलसमय रुकता नहीं, रेत जैसे जाता…

अपना शहर – (कविता)

संगीता शर्मा, कनाडा अपना शहर उस शहर की खासियत तो उस शहर की बेटी से पूछेंजो साल भर के इंतज़ार के बाद पहुँच पाती होउस शहर, जहाँ वो पली बढ़ी…

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