सुखमय जीवन – (कविता)
-आशा बर्मन, कनाडा सुखमय जीवन यह जीवन है क्षणभंगुर,लोग सदा से कहते हैं,फिर न क्यों हम कष्ट भुलाकरसहज रूप से जीते हैं? जब भी जाए तुम पर दृष्टिमुख गभीर और…
हिंदी का वैश्विक मंच
-आशा बर्मन, कनाडा सुखमय जीवन यह जीवन है क्षणभंगुर,लोग सदा से कहते हैं,फिर न क्यों हम कष्ट भुलाकरसहज रूप से जीते हैं? जब भी जाए तुम पर दृष्टिमुख गभीर और…
विज्ञान वैभव: पुस्तक परिचय विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र विज्ञान हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन अक्सर इसे जटिल शब्दों और कठिन भाषाशैली में प्रस्तुत किया जाता है। इससे आम…
डॉ० अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’, प्रयागराज दिल में दीप जलाने वाले (सार छन्दाधारित गीत) घर-आँगन में घोर निराशा, चहुँदिश है अँधियारा।दिल में दीप जलाने वाले, नित करते उजियारा॥ दुराचार के कारण…
– निशा भार्गव आपरेशन सिंदूर आज से 48 वर्ष पूर्व हमने भी किया थाऑपरेशन सिंदूरजिससे हमारे चेहरे पर छाया था नूरमाँग का सिंदूर रहा था चमकऔर उसी दिन से शुरू…
-सुनील शर्मा, कनाडा प्रतिबिम्ब चंद हरी पत्तियां“ग्रीन माउंटेन” शुगर मेपलवृक्ष केमध्य परखिलती हुई कोमलछोटी-छोटी किसी किशोरउम्मीदजैसी किसी हरीचूड़ी चुन्नी जैसी कई हरे-भरेखेतों जैसी किसी कीहरीआँखोंजैसी, वृक्षकेतने परबिंदीजैसी या फिरजिजीविषाजैसी जोसुने…
-सुनील शर्मा, कनाडा इस बारिश में निर्मल वर्मा के साथ टोरंटो की इस हलकी-हलकीबारिश में एक बसके इंतज़ारमें, अकेला, अचानकऐसाक्योंलगा मैंवापस, उसी वक़्त, गंगा के किनारेलौट आया हूँ, एक बार…
-सुनील शर्मा, कनाडा एक अहसास तुमखुशबू की मानिंदआस पास होहमेशा कभी हवा में कभीसितारों में इस गुनगुनातीधूप में वृक्षोंकी छायामें तो कभीपक्षी कीउड़ान में तुम लहरातीझील में कभी धूप केआंगन…
– विकाश नकछेदी, मॉरीशस विवश राजा लाचार पिता अकेला पुरुष महल में पड़ा था,ध्यान उसका युद्ध भूमि पर अड़ा था।धर्म और अधर्म के बीच आज जंग है,उसे है यकीन कि…
– डॉ शशि दूकन, मॉरीशस एहसास कभी-कभी मैं ख़ुद से बातें करती हूँ ये ज़िंदगी एक रहस्यमयी पहेली है जिन माता पिता ने जन्म दिया मुझे धन्य है उनके दिए…
बाल पुस्तक: ‘नानी की अटारी से कविता की पिटारी’ -ओमप्रकाश प्रजापति (मुख्य सम्पादक- ट्रू मीडिया) बचपन कल्पना का संसार है, रंगों, धुनों, बातों और भावनाओं से भरा हुआ। इस संसार…
शरद जोशी हास्य का मर्म, व्यंग्य का धर्म और साहित्य की आत्मा थे ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र “लेखक होना केवल शब्दों से खेलना नहीं होता, बल्कि समाज की नब्ज…
गणेश लेखनविद्या और ॐ ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर महाराष्ट्र मानव सभ्यता के इतिहास में संवाद की कला ने एक विशेष स्थान बनाया है। प्राचीन काल से ही मनुष्य ने परस्पर…
दक्षिण, मध्य और पूर्व एशिया में हिंदी शिक्षण: समस्याएँ और सुझाव डॉ. ज्ञान प्रकाश विजिटिंग प्रोफेसर, हांगुक यूनिवर्सिटी ऑफ़ फॉरेन स्टडीज़ (HUFS),सिओल, दक्षिण कोरिया ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना से संचालित…
दक्षिण कोरिया में “बुद्धं शरणं गच्छामि!” डॉ. संजय कुमार, दक्षिण कोरिया बिहार स्थित गया (जिसका नया नामकरण गया जी किया गया है) मेरी पुश्तैनी धरती रही है। गया बौद्ध धर्म…
– डॉ सुनीता शर्मा पहचान रेलवे स्टेशन के कोने में बैठी थी वह—रंग-बिरंगे कपड़ों में, आँखों में काजल, पर चेहरा बुझा हुआ। लोग आते-जाते रहे। कोई उसे टालकर निकला, कोई…
– डॉ सुनीता शर्मा आधुनिकता बनाम परंपरा सिया ने अपनी डाइट का चार्ट बड़े ही मनोयोग से तैयार किया। गूगल खंगाला, विदेशी न्यूट्रिशनिस्ट के वीडियो देखे और आखिरकार एक नामी…
– डॉ सुनीता शर्मा जन्मोत्सव रीमा के हाथ काँप उठे जब उसने बेटी दीपिका की वीडियो कॉल उठाई। अस्पताल के सफेद कमरे में, थकी-सी दीपिका की गोद में नन्हा बच्चा…
मंच से घर तक – डॉ सुनीता शर्मा नेता जी आज मंच पर पूरे जोश में थे। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का शुभ अवसर था, और वे गरज-गरजकर नारी शक्ति की…
– डॉ सुनीता शर्मा, न्यूजीलैंड एक छोटी सी बात… आज जब मैं घर लौटी, तो बगल की बिल्डिंग से कुछ असामान्य शोर सुनाई दिया। निकोला — वहीं रहने वाली महिला…
अंग्रेजी माध्यम : दोषी कौन – डॉ. अशोक बत्रा, गुरुग्राम निसंदेह नन्हे-नन्हे बच्चों से नन्हीं-सी आयु में अपनी भाषा छुड़वाकर किसी विदेशी भाषा में पढ़वाना डायलिसिस जैसा कष्टकारी है। भाषांतरण…