इक मुसाफ़िर राह से भटका हुआ – (कविता)
इक मुसाफ़िर राह से भटका हुआ इक मुसाफ़िर राह से भटका हुआइक दिया मुंडेर पर जलता हुआ एक पत्ता शाख से गिरता हुआइक परिंदा आस्माँ छूता हुआ एक तितली फूल…
हिंदी का वैश्विक मंच
इक मुसाफ़िर राह से भटका हुआ इक मुसाफ़िर राह से भटका हुआइक दिया मुंडेर पर जलता हुआ एक पत्ता शाख से गिरता हुआइक परिंदा आस्माँ छूता हुआ एक तितली फूल…
जहाँ में इक तमाशा हो गए हैं जहाँ में इक तमाशा हो गए हैंहमें होना था क्या, क्या हो गए हैं नुमाइश कर रहे हैं ज़िन्दगी कीनज़ारा अच्छा ख़ासा हो…
कैसे भूला जा सकता है कैसे भूला जा सकता हैIIभारत माँ का अनोखा प्यारमाँ के बच्चे थे बड़े मिलनसारढूँढ़ता हुआ हिंदी ज्ञान का सागरज्ञान के साथ ही पाया अपारख़ुशी से…
गुरुदेश ने जो सिखाया -अतिला कोतलावल बारिश का मौसम था। रात भर हुई मूसलाधार बारिश के बाद प्रकृति ने कुछ विश्राम का रूप धारण किया। सारा वातावरण ठंडक की चादर…
हिन्दी से जुड़े मेरे सपने -अतिला कोतलावल मैं भी उन स्वप्नदर्शियों में से एक हूँ जो अक्सर सपने देखा करते हैं और उनके साकार होने तक उन्हीं सपनों में विलीन…
कोई लहर समुन्द्र की कौन सी लहरहमें ले जाएगी किनारेकौन सा किनाराहमें थाम लेगामट्टी का कौन-सा हिस्सा हमेंजकड़ लेगाहम नहीं जानतेन ही जानना चाहते हैंक्योंकि जान नहीं पाएंगेबस यही चाहते…
समझदार लोग लोग हैं लोगलोग हैं समझदारसमझदार लोग उठाते हैं आवाजेंउठ रही हैं हर तरफ से आवाजेंपर उठ नहीं रहे हैं लोगजो उठा रहे हैं आवाजेंक्योंकि लोग हैं समझदारऔर समझदार…
जमने वाली बर्फ -निखिल कौशिक लंदन से लगभग 210 मील उत्तरी पूर्व-ब्रिटेन के जिस छोटे से शहर में मैं रहता हूँ, यहाँ बहुत बर्फ तो नहीं पड़ती पर जब पड़ती…
श्री लंका में हिंदी की दशा और दिशा -अतिला कोतलावल हिंदी मात्र एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की साझी विरासत और महान् संस्कृति को विश्व भर में जन-जन तक पहुँचानेवाली…
शैक्षणिक दृष्टि से विदेशी भाषा के रूप में हिंदी तथा सिंहली भाषाओं का संरचनागत व्यतिरेकी अध्ययन -अतिला कोतलावल विदेशों में हिंदी और विदेशी भाषा के रूप में हिंदी… इन दोनों…
ग़ज़ल वाबस्ता हैं सब जिससे, ज़ंजीर है तारों कीहँसना कभी रोना भी तक़दीर है तारों की क्या ख़ूब फ़लक पर ये तहरीर है तारों कीलैला है या शीरीं है या…
ज्योति गीत हों सहस्त्र ज्योति दीप, हों सहस्त्र ज्योति कण,हों सहस्त्र ज्योति गीत, हों सहस्त्र ज्योति क्षण, थिरकते हों ज्योति स्वर, काल के अवशेष पर,महकते हों पारिजात, ज्योति रश्मि केश…
हिन्दी भाषा हिन्दी है मेरी अनमोल प्यारी मातृभाषाबने सबकी अभिव्यक्ति की साख ऐसी अभिलाषाटोक्यो की हिन्दी सभा शिविर में आकर ये विचार आयाकरे हिन्दी के उत्थान के लिए कुछ ये…
इस देश में बसंत बैठ मुंडेर पर निहार रहा हैपथिक भ्रांत दृश्य एक सामने उसके रचा हुआ हैरचनाकार का बसंत विशेष दिवास्वप्न-सा आगंतुक अविचल हैऋतुराज का दृश्य नवल नवीनमानो शाख…
थाईलैंड में भारतीय संस्कृति का प्रभाव –शिखा रस्तोगी भाषा, संस्कृति प्राण देश के,इनके रहते राष्ट्र रहेगा।भारतीय संस्कृति का जयघोष गुंजाकर,भारत मां का मान बढ़ेगा।। प्रत्येक राष्ट्र की पहचान उसकी सांस्कृतिक…
थाईलैंड में हिंदी –शिखा रस्तोगी गूंजे हिंदी विश्व में स्वप्न हो साकार, थाई देश की धरा से हिंदी की जय-जय कारहिंदी भाषा का जयघोष है सात समुंदर पार, हिंदी बने…
कवियों का स्वर्ग (थाईलैंड के महान कवि राजकुमार बिद्यालोंकॉर्न द्वारा रचित “सूअंक सवान छन कवी” शीर्षक थाई कविता से प्रेरित है) कवियों का स्वर्ग है अत्यंत सुन्दरजहाँ चमक रत्नों से…
थाईलैंड के महान कवि सुन्दरभू और अनूदित कविता “सुन्दरभू” थाईलैंड के सबसे महान कवियों में से एक हैं। उनका जीवनकाल सन् 1786 से 1855 तक रहा था। उस समय थाईलैंड…
रावण का मन (लोबबुरीरद रचित “चाई थोसकन” शीर्षक थाईलैंड का एक लोकप्रिय गीत का हिंदी अनुवाद) मोहब्बत हुई दिल खुश हुआमोहब्बत खत्म हुई दिल दर्द हुआयाद क्यों न करतामोहब्बत से…
असंभव… (फयोंग मुकदा रचित “पेन पाई माय डाय” शीर्षक थाईलैंड का एक लोकप्रिय गीत का हिंदी अनुवाद) अगर रावण की तरह मेरे दस चेहरे होंदसों चेहरों को मुड़कर तुम्हारे लिए…