Category: भारत

मुस्लिम परिवार की दुर्दशा को दर्शाता अनवर सुहैल का उपन्यास ‘मेरे दुःख की दवा करे कोई’ – (पुस्तक समीक्षा)

‘मेरे दुःख की दवा करे कोई’ दिनेश कुमार माली, तालचेर,ओड़िशा यह ध्रुव सत्य है कि हमारे लेखन में आजकल वह ताकत नहीं रही, जो हमारे अलग-अलग धर्मों वाले देश में…

‘मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध’ संपादित संग्रह – (पुस्तक समीक्षा)

मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध अनीता वर्मा प्रतिष्ठित हिंदी प्रेमी व पूर्व में मॉरीशस में दूतावास में अधिकारी के रूप में कार्यरत सुनीता पाहुजा की नवीनतम पुस्तक ‘मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध’…

‘ज़मीन तलाशती जड़ें’ कहानी संग्रह – (पुस्तक समीक्षा)

‘ज़मीन तलाशती जड़ें’ कहानी संग्रह आज के प्रतिस्पर्धात्मक व जटिल दौर में जी रहे मानव के विभिन्न स्तरों पर टूटते, दरकते व खंडित होते जीवन मूल्यों के ऐसे चित्र प्रस्तुत…

कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन श्री पीएम प्रसाद के जीवन के अनेक अनछुए प्रसंग – (संस्मरण)

श्री पीएम प्रसाद दिनेश कुमार माली जब भी श्री पी.एम.प्रसाद साहब का नाम चर्चा में आता है तो आंखों के सामने उभर आती है एक सौम्य भाव लिए बुद्ध प्रतिमा।…

मंगल ही मंगल दीवाली के दिन है – (कविता)

पंकज शर्मा, एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर, आजतक ***** मंगल ही मंगल दीवाली के दिन है खीलों खिलौनों बताशों के दिन हैं,पुरुओं औ दीयों उजासों के दिन हैं,बच्चों के हुल्लड़ खुशहाली के दिन…

इंसानियत तलाशता अनवर सुहैल का उपन्यास ’पहचान’ – (पुस्तक समीक्षा)

इंसानियत तलाशता अनवर सुहैल का उपन्यास ’पहचान’ दिनेश कुमार माली, तालचेर, ओड़िशा हिन्दी के प्रसिद्ध उपन्यासकार अनवर सुहैल का बहुचर्चित उपन्यास ‘पहचान’ सन् 2022 में न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन्स, नई दिल्ली…

उत्तर भारत में मराठी पत्रकारिता के जनक : र. वि. शिरढोणकर – (आलेख)

उत्तर भारत में मराठी पत्रकारिता के जनक : र. वि. शिरढोणकर अलकनन्दा साने जिस कालखंड में बाल गंगाधर तिलक, विष्णु शास्त्री चिपळूनकर जैसे दिग्गज पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत थे,…

हिन्दी आलोचना के आधार स्तंभ : आचार्य रामचंद्र शुक्ल – (आलेख)

आचार्य रामचंद्र शुक्ल अमरनाथ बस्ती (उ.प्र.) जिले के ‘अगोना’ नामक गांव में जन्म लेने वाले, मात्र हाई स्कूल तक की औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने वाले और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में…

श्री ब्रजेन्द्रकुमार सिंहल की कृति ‘महायोगिराज गोरखनाथ’ – (पुस्तक समीक्षा)

‘महायोगिराज गोरखनाथ’ नर्मदा प्रसाद उपाध्याय संसार में गुरु गोरखनाथ ऐसे बिरले उदाहरण हैं जिन्होंने अपने गुरु मत्स्येंद्रनाथ को सन्मार्ग दिखलाया। वे नाथ परंपरा की उज्ज्वल मणि हैं जिनके समूचे व्यक्तित्व…

आंध्र प्रदेश, अन्नवरम, काकीनाडा के श्री वीरा वेंकट सत्यनारायण स्वामी मंदिर – (यात्रा डायरी)

डॉ. विजय कुमार मिश्रा श्री वीरा वेंकट सत्यनारायण स्वामी मंदिर भारत के आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले के अन्नावरम में स्थित एक हिंदू – वैष्णव मंदिर है। भगवान विष्णु के…

मेरी नजरों में ‘राजस्थान के साहित्य साधक’ – (पुस्तक समीक्षा)

मेरी नजरों में ‘राजस्थान के साहित्य साधक’ – दिनेश कुमार माली डॉ. प्रभात कुमार सिंघल की बहुचर्चित पुस्तक ‘राजस्थान के साहित्य साधक’ में राजस्थान के मूल और प्रवासी साहित्यकारों के…

शिक्षक, भाषा और भविष्य – (आलेख)

शिक्षक, भाषा और भविष्य डॉ. रवि शर्मा मधुप, एसोसिएट प्रोफेसर एवं अध्यक्ष, हिंदी विभाग, श्री राम कॉलेज ऑपफ कॉमर्स, दिल्ली विश्वविद्यालय भाषा मनुष्य के भावों और विचारों की सहज अभिव्यक्ति…

विश्व हिंदी सम्मेलन : परिकल्पना, उद्देश्य और महत्त्व – (शोध आलेख)

विश्व हिंदी सम्मेलन : परिकल्पना, उद्देश्य और महत्त्व डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’, एसोसिएट प्रोफेसर, हिंदी विभाग, श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, दिल्ली-7 हिंदी विश्व की प्रमुख भाषा है। इसका एक…

मैकाले की आत्मा – (व्यंग्य कथा)

मैकाले की आत्मा डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ मैकाले तो आम आदमी की तरह वक्त आने पर नश्वर देह को त्यागकर इस संसार से कूच कर गए। परंतु आत्मा तो अजर-अमर…

हम ‘केवल श्रद्धा’ नहीं – (कविता)

सुनीता पाण्डेय ***** हम ‘केवल श्रद्धा’ नहीं हमें नहीं बहना‘विश्वास-रजत-नग-पग-तल’ मेंहमें बहना है तुम्हारे साथया तुम्हारे समानान्तर. हम जीती जागतीहाड़ मांस कीऔरतें हैंऔरतें नहींइंसान।हमें नहीं चाहिएमहानता का ताजहमें भी सहज…

वापसी – (कहानी)

वापसी सुनीता पाण्डेय -“पिताजी यह मांस नही खाऊँगा मैं।” -“क्यों बेटा?” -“अच्छा नहीं लगता, मन ऊब गया इसे खाते-खाते।” -“बेटा यहाँ तो यही है, इस समय पेड़ों पर भी कुछ…

परिवार- हमारे विश्व कूँजी – (कविता)

लक्ष्मी जयपोल ***** परिवार- हमारे विश्व कूँजी परिवार जीवन के सर्वोत्तम प्राथमिकता हैपरिवार ही जीवन और प्राण हैपरिवार हैतो हम हैपरिवार हमारी पहचान है। परिवार हमें जीवन दान देता हैपरिवार…

मजबूरी का सौदा – (व्यंग्य कथा)

मजबूरी का सौदा डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ गौरीपुरा गाँव के ठीक बीचों-बीच, बरगद के पेड़ के नीचे, गिरधारी की छोटी-सी दुकान थी। दुकान क्या थी, एक फटी-पुरानी चारपाई, जिस…

याद – (कहानी)

याद जयशंकर इस क्रिसमस को मैं पैंसठ बरस का हो गया। चौंसठ का हो रहा था और ब्लड प्रेशर रहने लगा। रोज सुबह एक टेबलेट लेने की शुरुआत हो गयी।…

पूर्व-राग : एक पाठक की नोटबुक में कस्बों, किताबों और सिनेमा की दुनिया – (पुस्तक समीक्षा)

पूर्व-राग : एक पाठक की नोटबुक राकेश कुमार मिश्र हिंदी के वरिष्ठ कथाकार-गद्यकार जयशंकर जी की नई किताब पूर्व-राग : एक पाठक की नोटबुक (2025) को पढ़ते हुए लगा कि…

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