Category: भारत

आश्वासन को विश्वास में बदलती फ़िल्म (समीक्षा)

आश्वासन को विश्वास में बदलती फ़िल्म (समीक्षा) फ़िल्मों के बारे में कहा जाता है कि वे वहाँ से शुरू होती हैं, जहाँ आपकी कल्पनाशक्ति ख़त्म हो जाती है। पर इन…

लिव-इन रिलेशनशिप (व्यंग्य)

लिव-इन रिलेशनशिप (व्यंग्य) उस फ्लैट की दीवारों पर लगे आधुनिक चित्रों में रंग तो बहुत थे, पर चमक गायब थी। विवान और समायरा आमने-सामने बैठे थे, जैसे किसी युद्ध के…

जाग तुझको दूर जाना ( महादेवी वर्मा )

जाग तुझको दूर जाना ( महादेवी वर्मा ) ಎದ್ದೇಳು, ಬಹಳ ದೂರ ನೀನು ಸಾಗಬೇಕಾಗಿದೆ! ಮಹಾದೇವಿ ವರ್ಮಾ ಶಾಶ್ವತವಾಗಿ ಎಚ್ಚರದಿಂದಿರುವ ಕಣ್ಣುಗಳು ಇಂದು ನಿದ್ರಿಸುತ್ತಿವೆ, ಎಂತಹ ನಿರತ ನೋಟ! ಎದ್ದೇಳು, ಬಹಳ ದೂರ ನೀನು ಸಾಗಬೇಕಾಗಿದೆ! ಕದಲದ ಹಿಮದ…

आकांक्षाओ और आत्म संघर्ष के बीच का द्वंद्व ( अपने अपने बुर्ज खलीफा )

आकांक्षाओ और आत्म संघर्ष के बीच का द्वंद्व ( अपने अपने बुर्ज खलीफा ) समकालीन हिंदी साहित्य के विस्तृत परिदृश्य में कुछ कृतियाँ ऐसी होती हैं जो केवल कहानी कहने…

स्त्री की बदलती तस्वीर संजोए है: क्लाइडोस्कोप

स्त्री की बदलती तस्वीर संजोए है: क्लाइडोस्कोप दिव्या माथुर की “क्लाइडोस्कोप: सतरंगी स्मृतियाँ” मुख्य रूप से प्रवासी जीवन के चालीस वर्षों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करती है। यह निजी जीवन की…

आहिल्या ( डॉ वेद व्यथित )

आहिल्या ( डॉ वेद व्यथित ) स्त्री अस्मिता के नवीन आयामों को परिभाषित करता खंडकाव्य “अहिल्या “डॉ वेद व्यथित का खंड काव्य अहिल्या महर्षि वाल्मिकी की “अहिल्या “ को ले…

यादों की अर्थी (व्यंग्य)

यादों की अर्थी (व्यंग्य) वह दोपहर किसी सड़ी हुई कढ़ी जैसी चिपचिपी थी। कार के भीतर का तापमान और मेरी पत्नी सुजाता के तेवर, दोनों ही चालीस डिग्री के पार…

जीवन की मूल धारा (कविता)

जीवन की मूल धारा (कविता) जन्म लेने पर रोनादुनिया से जाते हुए दुखी होनाइस लम्बे अंतराल में होती हैएक लम्बी यात्रायात्रीगण रहते हैं क़तार मेंउधेड़ते -बुनते हुए अपने आप कोक्षणिक…

“अपने अपने बुर्ज ख़लीफ़ा“ (पुस्तक-परिचय)

“अपने अपने बुर्ज ख़लीफ़ा“ (पुस्तक-परिचय) हर व्यक्ति के जीवन के कुछ महत्वपूर्ण प्रतिमान होते हैं और वह उन तक पहुँचने की क्षमता का विकास किस प्रकार से कर सकता है…

पुनर्जन्म का आधार कार्ड (व्यंग्य)

पुनर्जन्म का आधार कार्ड (व्यंग्य) बेलतारा गांव के राजनीति विशारद ‘लल्लन बाबू’ ने जब इस बार प्रधानी का बिगुल फूँका, तो उन्होंने ‘स्मार्ट सिटी’ और ‘मुफ्त बिजली’ के घिसे-पिटे वादों…

हवालात-ए-हुस्न (व्यंग्य)

हवालात-ए-हुस्न (व्यंग्य) जैसे ही मैंने थाने के हवालात-ए-हुस्न में कदम रखा, वहां की आबोहवा में न्याय की खुशबू कम और थर्ड डिग्री की महक ज्यादा थी। दरोगा जी अपनी कुर्सी…

दुख-विनिमय केंद्र (व्यंग्य)

दुख-विनिमय केंद्र (व्यंग्य) चंदनपुर गांव के महान रणनीतिकार ‘झपटल बाबू’ ने जब इस बार प्रधानी का पर्चा भरा, तो उन्होंने विकास के सारे पुराने मापदंडों को खूँटी पर टांग दिया।…

स्मार्ट-गोबर (व्यंग्य)

स्मार्ट-गोबर (व्यंग्य) रामपुरिया गांव के स्वयंभू वैज्ञानिक ‘गबड़ू लाल’ ने जब प्रधानी के चुनाव में कदम रखा, तो उन्होंने पारंपरिक विकास की बलि चढ़ा दी। उनका चुनावी मुद्दा था—’गोबर का…

अपने अपने ठीया (कविता)

अपने अपने ठीया (कविता) युद्ध कभी अकेले नहीं लड़े जातेदूसरे का होना बहुत जरूरी है ।अकेले तो स्वयं से भी नहीं लड़ा जातावहाँ भी एक मन के दो टुकड़े होते…

डिजिटल उपवास (व्यंग्य)

डिजिटल उपवास (व्यंग्य) धरमपुरा गांव के स्वघोषित समाजशास्त्री ‘फरेब सिंह’ ने जब प्रधानी के चुनाव में अपनी दावेदारी पेश की, तो उन्होंने गांव वालों को एक नया और डरावना सपना…

स्त्री अस्मिता के नवीन आयामों को परिभाषित करता खंडकाव्य “अहिल्या “ (पुस्तक समीक्षा)

स्त्री अस्मिता के नवीन आयामों को परिभाषित करता खंडकाव्य “अहिल्या “ (पुस्तक समीक्षा) डॉ वेद व्यथित का खंड काव्य अहिल्या महर्षि वाल्मिकी की “अहिल्या “ को ले कर लिखा गया…

उपमान और प्रतीक (कविता)

उपमान और प्रतीक (कविता) एक दिन झुँझलाकर बोला वो!ये उपमान और प्रतीकदोनों बहुरूपिया हैंदोनों खुद के लिए नहीं जीतेऔरों के काम आते हैंफिर अलग क्यों कहलाते हैं!कभी उपमान प्रतीक बन…

डियर मोमोज (व्यंग्य)

डियर मोमोज (व्यंग्य) मोमोज के उस सफेद, चिपचिपे और रहस्यमयी व्यक्तित्व की शारीरिक संरचना किसी दार्शनिक गुत्थी से कम नहीं है, जिसे देखकर लगता है कि मैदा अपनी मुक्ति के…

उछालवाद के दौर में पीछे छूटते मूल मुद्दे (समीक्षा)

उछालवाद के दौर में पीछे छूटते मूल मुद्दे (समीक्षा) पूरे 39 चालीस पहले बनी फ़िल्म ‘इजाज़त’ फिर एक बार देखी। फ़िल्म के बनने से लेकर अब तक में लगभग 40…

बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना (व्यंग्य)

बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना (व्यंग्य) कहावत है— “बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना”, पर यहाँ तो अब्दुल्ला ने बाकायदा ‘को-ऑर्ड’ सेट पहना है और रील बनाने के लिए दीवाना हुआ…

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