श्री गुरु नानक देव जयंती पर विशेष – (श्रद्धांजलि)
हे बाबा नानक! बहुत पुरानी बात हैयुगों पुरानी नहींबाबा नानक, चहुं दिशाएं घूमतान कोई सवारी, न कोई ठेलाअपने पांवों पर चलअपने भक्तों तक पहुंचताया जो उसकी प्रतीक्षा मेंनज़रें बिछाए रहतास्वयं…
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हे बाबा नानक! बहुत पुरानी बात हैयुगों पुरानी नहींबाबा नानक, चहुं दिशाएं घूमतान कोई सवारी, न कोई ठेलाअपने पांवों पर चलअपने भक्तों तक पहुंचताया जो उसकी प्रतीक्षा मेंनज़रें बिछाए रहतास्वयं…
चलो बोल दो सॉरी तो ढीली थी सो खिसक गई थोड़ी इधर-उधर।हँसने की क्या बात है जी क्यों इतनी खिर-खिर।क्या पेंट ने कोई जोक अजी सुनाया है।देख किसी को परेशान…
नन्ही-मुन्नी सिया के लिए नन्ही-मुन्नी कविताएँ सिया और बंदर छत पर देखोआया बंदरसिया जल्दीजाओ अंदर। दादी का चश्माले भागापकड़ो पकड़ोशोर मचायामम्मी ने इककिया करिश्मालेने कोदादी का चश्मा केला फेंकाउसकी ओरबंदर…
अनीता वर्मा की बाल कविताएँ सूरज रवि गगन पर रौब जमातेअपनी दुनिया में इठलातेललाट तेज पर खूब चमकतादीप दीप्ति से अद्भुत दमकता धरती को प्रकाश पहुँचातेसुबह-सुबह आकाश में आतेपात-पात और…
खूब दौड़ने, पढ़ने और मीठा खाने वाली एक जापानी लड़की का अनोखा सपना –वेदप्रकाश सिंह, (ओसाका विश्वविद्यालय, जापान) हिंदी पढ़ाते हुए कई बार विद्यार्थियों को सौ-दो सौ शब्दों में अपना…
जापानी राग-मिरवा वेदप्रकाश सिंह (ओसाका विश्वविद्यालय, जापान) इस समय जापान में बरसात का मौसम है। जून और जुलाई का महीना बरसात के ही नाम होता है। वैसे बारिश तो जापान…
एक प्रवासी की उलझनें अब नहीं रहापहले जैसा असहनीय प्रवासकुछ लोगों के लिएन रहे पहले जैसे प्रवासीप्रवास अब बन चुका हैएक जीवन स्थितिजिसे कभी चाहकरतो कभी मजबूरनस्वीकार करते हैं असंख्य…
एक ग़लत कदम -सुधा ओम ढींगरा “सरला, शुक्ला जोड़े को क्या हुआ है?” विमला ने गलियारे में जा रही सरला से पूछा।“कौन से शुक्ला? किन की बात कर रही हो!”…
अनीता वर्मा की कविता का अनुवाद मूल कविता : अनीता वर्मा अनुवादक : डॉ चरनजीत सिंह (कवि, ग़ज़लकार व सुप्रसिद्ध अनुवादक) क्या कहूँ इसे क्या कहूँ इसेसच या झूठजो कहावो…
आधुनिक कविता में छंद और लय का अतिक्रमण -डॉ० वरुण कुमार एक पाठक की कविता की पहचान सामान्यतः जिस चीज से शुरू होती है वह है छंद। छंद में बंधी…
21वीं सदी में गुजराती कहानी -आलोक गुप्त गुजराती में कहानी लेखन अन्य भारतीय भाषाओं की तरह बीसवीं सदी में ही प्रारंभ होता है। बीसवीं सदी के प्रारंभ में कहानी के…
लोग सो रहे हैं या साजिशें कर रहे हैं एक बार फिरमेरे गाँव मेंफसलों के मौसम मेंबच्चे उग आए हैंऔर मैंकलम थामे तैयार हूँकविता करने के लिए। यहाँ-वहाँ लोगया तो…
बौनों की बारात झूम-झूम कर नाच रही, छायाएँ आधी रातधूम धाम से निकल रही है, बौनों की बारात सोच भी बौनी, कर्म भी बौना, मन का हर कोना है घिनौनाजो…
शब्द एक रास्ता है शब्द एक रास्ता हैमेरा विश्वास हैयह सोचकर मैंने उसे पुकारापर उधर से कोई उत्तर नहीं मिला। मैंने फिर सोचाशब्द एक रास्ता हैऔर शब्दों को कागज पर…
युक्रैनी हिंदी-शिक्षण में कला-प्रेम का योगदान -डॉ. यूरी बोत्वींकिन, युक्रैन प्रत्येक देश का इतिहास कितना भी जाटिल और दुख-भरा क्यों न हो उससे राष्ट्रीय चेतना का एक गहरा जुड़ाव अवश्य…
हिन्दी साहित्य की विश्व में भारतीय संस्कृति को बढ़ाने में भूमिका -परवीन लता हमें ये जानना है कि संस्कृति का शब्दlर्थ क्या है? संस्कृति याने कि उत्तम या सुधरी हुई…
दर्द, भय और पीड़ा कोई भी दर्द, भय और पीड़ा से बच नहीं पाता हैफिर भी दर्द से ज्ञान आ सकता है,डर से साहस आ सकता है,दुख से ताकत आ…
खुशियाँ आनंद और प्रसन्नता देती है खुशियाँजिंदा रहने की औषधि यही तो है मियाहर्ष, सुख, आमोद, प्रमोद या कहो उल्लासइसी के पान से बुझती है हर किसी की प्यासविचारों की…
आंतरिक स्कूली शिक्षकों की याचिका हम उल्लू नहीं है जो रात को दिखते हैंन ही कोई निशाचर बिल्लीहमारी आंखें धुंधली है हम नहीं देख सकतेहम चमगादड़ की तरह अंधे हो…
औषधि जब मैं छोटी लड़की थीकई महिलाएं आती थीमेरी दादी के पास ठीक होने के लिएदादी कुछ पत्ते चबा लेतीअधिक पत्तियों में लिपटेपरेशान घावों को सूखने के लिएफिर रस का…