Category: भारत

तेजेंद्र शर्मा के कहानी-संग्रह “संदिग्ध” की डॉ. मनोज मोक्षेन्द्र द्वारा समीक्षा

तेजेंद्र शर्मा के कहानी-संग्रह “संदिग्ध” की डॉ. मनोज मोक्षेन्द्र द्वारा समीक्षा तेजेंद्र शर्मा की कहानियाँ हमें जीवन के बहुकोणीय अहसासों की दुनिया में विचरण कराती हैं। मानवीय रिश्तों के विभिन्न…

दिन – विशेष विमर्श में मृदुला भटनागर की कहानी “कहीं कुछ तो होगा”

दिन विशेष विमर्श में मृदुला भटनागर की कहानी कहीं कुछ तो होगा चर्चित कथाकार मृदुला भटनागर की यह कहानी आज के पढ़े-लिखे परिवारों में भी कभी दहेज़ तो कभी पसंद-नापसंद…

मनोज मोक्षेंद्र द्वारा दिव्या माथुर की पुस्तक ‘कलाइडोस्कोप’ की पुस्तक समीक्षा

मनोज मोक्षेंद्र द्वारा दिव्या माथुर की पुस्तक ‘कलाइडोस्कोप’ की पुस्तक समीक्षा प्रख्यात प्रवासी साहित्यकार दिव्या माथुर का संस्मरण “कलाइडोस्कोप : सतरंगी स्मृतियाँ” उनके जीवन के व्यापक अनुभवों, भौतिक-बौद्धिक गतिविधियों, भावनात्मक…

दिन विशेष विमर्श में युवा रचनाकार गोलेन्द्र पटेल की कविता

दिन विशेष विमर्श में युवा रचनाकार गोलेन्द्र पटेल की कविताएं गोलेन्द्र पटेल समकालीन हिन्दी के महत्त्वपूर्ण युवा कवि-लेखक हैं, जिनकी रचनाधर्मिता जनपक्षधरता, प्रतिरोध और सामाजिक न्याय की प्रखर चेतना से…

पद्मश्री कैलाशचंद्र पंत : स्मृति शेष — मनोज कुमार श्रीवास्तव

पद्मश्री कैलाशचंद्र पंत : स्मृति शेष — मनोज कुमार श्रीवास्तव मनुष्य की मृत्यु का समाचार हमेशा एक ही बात नहीं कहता। कभी वह केवल यह बताता है कि एक शरीर…

दिन विशेष विमर्श में ‘अलकनन्दा सुत’ : अर्चना पैन्यूली के उपन्यास पर डॉ. मनोज मोक्षेन्द्र की समीक्षात्मक दृष्टि

दिन विशेष विमर्श में ‘अलकनन्दा सुत’ : अर्चना पैन्यूली के उपन्यास पर डॉ. मनोज मोक्षेन्द्र की समीक्षात्मक दृष्टि ‘अलकनन्दा सुत’ प्रवासी लेखिका अर्चना पैन्यूली का एक सामाजिक-पारिवारिक उपन्यास है. इस…

मैं कौन हूँ? : दक्ष वर्मा

मैं कौन हूँ? : दक्ष वर्मा दक्ष ने पूछा है ‘मैं कौन हूं’एक बच्चा स्कूल से हाई स्कूल, हायर सेकंडरी की पढ़ाई के बाद कॉलेज एडिशन के लिये जाता है…

दिन विशेष विमर्श में अलका सिन्हा की कहानी : ‘हरदम साथ डॉट कॉम’

दिन विशेष विमर्श में अलका सिन्हा की कहानी : ‘हरदम साथ डॉट कॉम’ अलका सिन्हा एक श्रेष्ठ कथाकार और कवियत्री हैं । आज के व्यस्त और बदलते परिवेश में तकनीक…

युवा लेखन विमर्श में रवि यादव का कविता पाठ

युवा लेखन विमर्श में रवि यादव का कविता पाठ रवि यादव का जन्म महराजगंज, उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने स्नातक की शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय तथा परास्नातक की शिक्षा काशी हिंदू…

मिलिए प्रदेश की पहली महिला पत्रकार अलकनंदा साने से विशेष बातचीत : स्वरांगी साने

मिलिए प्रदेश की पहली महिला पत्रकार अलकनंदा साने से विशेष बातचीत : स्वरांगी साने सफेद बाल, साधारण सूती साड़ी और हिंदी भाषा में बात, यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को…

दिन विशेष विमर्श में डॉ. वेद व्यथित की व्यंग्य रचना ‘मन की बात’ और ‘मेरी समझदारी और महानता’

दिन विशेष विमर्श में डॉ. वेद व्यथित की व्यंग्य रचना ‘मन की बात’ और ‘मेरी समझदारी और महानता’ डॉ. वेद व्यथित हिंदी के प्रतिष्ठित साहित्यकार एवं बहुआयामी रचनाकार हैं। उन्होंने…

समीक्षा : जन से मिलने चले जगन्नाथ : जहाँ देवता रथ पर नहीं, जनता के हृदय पर आरूढ़ हैं – विशाल पाण्डेय

समीक्षा : जन से मिलने चले जगन्नाथ : जहाँ देवता रथ पर नहीं, जनता के हृदय पर आरूढ़ हैं – विशाल पाण्डेय जब-जब आषाढ़ का आकाश मेघों से भरता है,…

वैश्विक हिंदी परिवार के ‘कहानी विशेष’ में मधु पंत की कहानी ‘एक और कुतुबनुमा’ पर विमर्श

वैश्विक हिंदी परिवार के ‘कहानी विशेष’ में मधु पंत की कहानी ‘एक और कुतुबनुमा’ पर विमर्श मधु पंत हिंदी की प्रतिष्ठित साहित्यकार, प्रख्यात बाल साहित्यकार तथा शिक्षाविद् हैं। वे राष्ट्रीय…

“युवा लेखन विशेष में प्रखर शर्मा की कविता पर विमर्श”

“युवा लेखन विशेष में प्रखर शर्मा की कविता पर विमर्श” प्रखर शर्मा समकालीन हिन्दी के उदीयमान युवा कवि, साहित्यकार एवं शोधार्थी हैं। मूलतः उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद के निवासी…

कोयल अर कागलो (व्यंग्य) – बुलाकी शर्मा

कोयल अर कागलो (व्यंग्य) – बुलाकी शर्मा कथेतर विमर्श पर आज पढिए बुलाकी शर्मा जी का व्यंग्य, जो राजस्थानी लोक में बेहद प्रचलित है। इतरो बाबो-सा रो लाडकोयल बाई सिध…

मोह (कहानी) – मधुरिमा कोहली

मोह (कहानी) – मधुरिमा कोहली *********आज के विमर्श में हम पढ़ते हैं वरिष्ठ साहित्यकार, दिल्ली विश्वविद्यालय की पूर्व प्रोफेसर डॉ मधुरिमा कोहली जी की कहानी। डॉ मधुरिमा कोहली प्रतिष्ठित साहित्यकार…

जब प्रसाद जी से मिलने पहुंचे प्रेमचंद और जैनेंद्र (संस्मरण) : जैनेंद्र

जब प्रसाद जी से मिलने पहुंचे प्रेमचंद और जैनेंद्र (संस्मरण) : जैनेंद्र सन् 1933 की बात है। भाई सच्चिदानंद वात्स्यायन अज्ञेय ने कुछ कविताएं अपनी छापनी चाहीं। जेल से उन्होंने…

साहित्य मन का अधिष्ठाता देवता है : विष्णु प्रभाकर

साहित्य मन का अधिष्ठाता देवता है : विष्णु प्रभाकर यूनेस्को के घोषणापत्र में लिखा है कि युद्ध मन में ही पैदा होता है और वहीं उसको रोका जा सकता है…

गुल्लो रानी : अरुणा सब्बरवाल

गुल्लो रानी : अरुणा सब्बरवाल पतझड का आगमन आरम्भ हो चुका था। वृक्षों से गिरते पत्ते हवा में अपना नृत्य दिखा रहे थे। पूरी धरा पर लाल, पीले, नारंगी और…

महादेवी वर्मा के रेखाचित्र ‘नीलकंठ’ में राष्ट्रीयता : डॉ. संध्या सिलावट

महादेवी वर्मा के रेखाचित्र ‘नीलकंठ’ में राष्ट्रीयता : डॉ. संध्या सिलावट वर्षा की पहली बूँद अभी धरती तक पहुँची भी नहीं है। दूर क्षितिज पर मेघों की गहरी परतें उमड़…

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